राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: आरोपियों ने राजधानी में बनाई बेनामी संपत्तियां, 5 तहसीलों में रजिस्ट्री खंगालने का काम शुरू

अयोध्या/लखनऊ: अयोध्या के चर्चित श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस ने बड़ी और कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने चढ़ावे के पैसे से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभिन्न इलाकों में अपने और परिजनों के नाम कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं। इस नेटवर्क का पूरी तरह भंडाफोड़ करने के लिए एसएसपी अयोध्या डॉ. गौरव ग्रोवर ने डीएम लखनऊ विशाख जी को एक गोपनीय पत्र भेजकर विस्तृत ब्योरा मांगा है।

8 नामजद आरोपी और 46 परिजनों की संपत्तियों की जांच जारी

एसएसपी द्वारा भेजे गए पत्र में चढ़ावा चोरी कांड के 8 मुख्य नामजद आरोपियों और उनके 46 करीबियों/परिजनों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने लखनऊ के सभी क्षेत्रों में दर्ज कृषि, अकृषि, व्यावसायिक और आवासीय जमीनों का पूरा ब्योरा मांगा है।

मामले की जांच कर रहे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने विशेष रूप से बीते 2 वर्षों के भीतर आरोपियों और उनके परिजनों द्वारा खरीदी गई चल और अचल संपत्तियों का रिकॉर्ड मांगा है। विवेचना अधिकारी के अनुसार, यह जानकारी केस को मजबूत बनाने और अवैध संपत्तियों को कुर्क करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी।

लखनऊ प्रशासन एक्शन में: 5 तहसीलों में रजिस्ट्री खंगालने का काम शुरू

एसएसपी अयोध्या का पत्र मिलते ही डीएम लखनऊ ने नगर निगम, आवास विकास परिषद और राजस्व विभाग को तुरंत अलर्ट पर डाल दिया है। राजधानी की सभी पांचों तहसीलों में राजस्वकर्मी उप-निबंधक (रजिस्ट्री) कार्यालयों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।

जांच के दायरे में आए प्रमुख आरोपी व उनके परिजन:

  • अविनाश शुक्ला: आरोपी के अलावा उसके पिता, 4 भाई और भतीजा-भतीजी।

  • करुणेश पांडेय: आरोपी सहित उसके 8 परिजन।

  • रमाशंकर मिश्र: आरोपी और उसके 7 परिजन।

  • रामशंकर यादव: आरोपी व उसके 8 परिजन।

  • अनुकल्प: आरोपी सहित परिवार के 5 लोग।

  • लवकुश मिश्र: आरोपी और उसके 5 करीबी परिजन।

  • सुभाष श्रीवास्तव: आरोपी और उसके 2 परिजन।

  • मनीष कुमार यादव: आरोपी और उसके 2 परिजन।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एंट्री: दर्ज होगा आय से अधिक संपत्ति का केस

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ जिला प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट मिलते ही अयोध्या पुलिस इसे आयकर विभाग (Income Tax Department) के साथ साझा करेगी। यदि संपत्तियों का मूल्य उनकी वैध आय के स्रोतों से अधिक पाया जाता है, तो आरोपियों के खिलाफ ‘आय से अधिक संपत्ति’ (Disproportionate Assets) का एक और नया मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले की प्राथमिक एफआईआर (FIR) अयोध्या के रामजन्मभूमि थाने में दर्ज है और पुलिस सभी आरोपियों को कानूनी शिकंजे में कसने के लिए हर पहलू से साक्ष्य जुटा रही है।

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