
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण का मुद्दा फिर चर्चा में है। निषाद पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने प्रयागराज में आयोजित रैली के दौरान सरकार से निषाद, मल्लाह, तुरई समेत 17 उपजातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से निकालकर अनुसूचित जाति (SC) की सूची में शामिल करने की मांग की। यह मांग निषाद पार्टी लंबे समय से उठाती रही है।
संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार में इसलिए शामिल है क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार उनकी मांगों पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि निषाद समाज और इससे जुड़ी अन्य उपजातियों को आरक्षण का संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए।
17 उपजातियों को SC में शामिल करने की मांग
रैली में संजय निषाद ने कहा कि मांग केवल निषाद समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि 17 उपजातियों से जुड़ी है। उनके मुताबिक निषाद, मल्लाह, बिंद, कश्यप और अन्य नदी आधारित समुदायों को उनके सामाजिक और संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए।
निषाद पार्टी लंबे समय से OBC में शामिल कुछ निषाद उपसमूहों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की मांग करती रही है। मौजूदा समय में उत्तर प्रदेश में संबंधित समुदाय OBC श्रेणी में आते हैं।
संजय निषाद ने दावा किया कि इन समुदायों को पहले अनुसूचित जाति से जुड़े अधिकार प्राप्त थे, जिन्हें बाद में OBC श्रेणी से जोड़ा गया। उन्होंने सरकार से इस मामले में संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत समाधान निकालने की मांग की।
10 जिलों में रैली का ऐलान
संजय निषाद ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे को लेकर निषाद पार्टी अलग-अलग जिलों में रैलियां आयोजित करेगी। उन्होंने बताया कि अभियान के जरिए गांव-गांव और विधानसभा स्तर पर निषाद, मल्लाह, बिंद, कश्यप समेत अन्य पिछड़ी जातियों के लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
प्रयागराज में आयोजित रैली में अलग-अलग जिलों से निषाद, मल्लाह और कश्यप समाज के लोग पहुंचे। पार्टी की ओर से इसे आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर जनसमर्थन जुटाने के अभियान के तौर पर पेश किया गया।
लंबे समय से उठ रहा है आरक्षण का मुद्दा
17 उपजातियों को SC सूची में शामिल करने का मुद्दा नया नहीं है। संजय निषाद पहले भी इसे लेकर केंद्र और राज्य सरकार के सामने मांग रखते रहे हैं। वर्ष 2022 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना को रद्द कर दिया था। इसके बाद भी निषाद पार्टी ने इस मुद्दे को जारी रखा।
हाल की राजनीतिक गतिविधियों में भी संजय निषाद आरक्षण के सवाल को प्रमुखता से उठा रहे हैं। सितंबर 2026 की रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी NDA के साथ बनी रहेगी, लेकिन निषाद समुदाय के अधिकारों और SC दर्जे की मांग को लेकर अभियान जारी रहेगा।
अब प्रयागराज की रैली के जरिए एक बार फिर इस मांग को सार्वजनिक रूप से उठाया गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।










