नई दिल्ली: नीट परीक्षा धांधली, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और विभिन्न जनमुद्दों को लेकर देश की राजधानी में राजनीतिक व सामाजिक हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन एक बार फिर शुरू हो गया है। इस बीच, मंगलवार को आयोजित एनडीए (NDA) संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले और किसानों की चिंताओं पर सरकार का रुख स्पष्ट किया।
NDA संसदीय दल की बैठक: किरेन रिजिजू ने दी पीएम मोदी के संबोधन की जानकारी
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद और देश को आश्वस्त किया है:
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पेपर लीक पर सख्त रुख: पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
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किसान हितों की सुरक्षा: प्रधानमंत्री ने यह भी विश्वास दिलाया कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम ट्रेड समझौते से देश के किसानों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचेगा। सरकार ने कृषि क्षेत्र के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।
संसद मार्च में पुलिस कार्रवाई का विरोध: आज नहीं निकलेगा मार्च
दूसरी ओर, छात्र नेता अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और छात्रों पर बर्बरता की।
दीपके ने घोषणा करते हुए कहा, “हम आज संसद मार्च इसलिए नहीं निकाल रहे हैं क्योंकि इस सरकार और पुलिस ने छात्रों का खून बहाया है। इन्हें छात्रों के जीवन और भविष्य की कोई परवाह नहीं है, लेकिन हमें अपने साथियों की परवाह है।”
सोनम वांगचुक का अनशन रहेगा जारी, 23वें दिन टल गया था अनशन खत्म करने का फैसला
अभिजीत दीपके ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर भी महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने बताया:
“सोमवार को सोनम वांगचुक सर अपना अनशन खत्म करने वाले थे। उनके अनशन का 23वां दिन था और हमने बहुत मुश्किल से उन्हें स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा का हवाला देकर राजी किया था। लेकिन सोमवार को छात्रों पर हुई पुलिस की बर्बर कार्रवाई की खबरें देखने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया है। अब सोनम सर अपना अनशन और आंदोलन लगातार जारी रखेंगे।”
जंतर-मंतर पर सीजेपी और विभिन्न संगठनों के जमावड़े तथा सोनम वांगचुक के अनशन जारी रखने के फैसले के बाद दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।















