नोएडा (ब्यूरो)। दिल्ली से सटे हाईटेक सिटी नोएडा में बीते दिनों हुई हिंसा और आगजनी के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई अचानक हुआ प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। इस हिंसा के तार ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ नामक संगठन से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस संगठन के मुख्य सरगना रूपेश राय को गिरफ्तार कर लिया है।
वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए फैलाई गई नफरत की आग
नोएडा पुलिस की डिजिटल सर्विलांस टीम ने अब तक ऐसे 17 वॉट्सऐप ग्रुप की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल भीड़ को उकसाने और आंदोलन को हिंसक बनाने के लिए किया गया था। इन ग्रुप्स में न केवल भड़काऊ मैसेज भेजे जा रहे थे, बल्कि पुलिस पर हमले की रणनीति भी तैयार की जा रही थी। पुलिस इन ग्रुप्स के एडमिन और सक्रिय सदस्यों की कुंडली खंगाल रही है ताकि इस साजिश की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
ऑडियो क्लिप ने खोली पोल: ‘साथ लाना मिर्च पाउडर और लाठी’
नोएडा हिंसा की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बेहद संवेदनशील ऑडियो क्लिप लगी है। इस ऑडियो में एक शख्स उपद्रवियों को पुलिस पर हमला करने के लिए उकसा रहा है। ऑडियो में स्पष्ट सुना जा सकता है कि वह कह रहा है, “भाइयों, पुलिस पर हमला करना है। हमारे भाई-बहन घायल हुए हैं, इसका बदला लेना है। सभी अपने साथ लाठी-डंडे और लाल मिर्च का पाउडर लेकर आएं।” इसके अलावा पुलिस को कुछ ऐसे स्क्रीनशॉट भी मिले हैं, जिनमें मिर्च पाउडर के इस्तेमाल का जिक्र किया गया है, ताकि पुलिस कर्मियों को अंधा कर हिंसा फैलाई जा सके।
एक ‘फेक न्यूज’ से सुलग उठा नोएडा
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे बवाल की शुरुआत हरियाणा से फैली एक फेक न्यूज से हुई थी। सोशल मीडिया पर यह झूठ फैलाया गया कि केंद्र सरकार ने सभी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 20 हजार रुपये करने का आदेश जारी कर दिया है। इस भ्रामक खबर से कर्मचारी उकसावे में आ गए। नोएडा पुलिस कमिश्नर के अनुसार, दूसरे जिलों से आए उपद्रवियों के एक जत्थे ने शहर में प्रवेश कर माहौल बिगाड़ा।
डिजिटल सबूत मिटाने के लिए CCTV पर हमला
रिपोर्ट के मुताबिक, यह साजिश कितनी गहरी थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उपद्रवियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत 82 अलग-अलग स्थानों पर करीब 42 हजार लोगों की भीड़ जमा की। एक ग्रुप ने पहले एक जगह आगजनी की और फिर योजनाबद्ध तरीके से दूसरी लोकेशन की ओर बढ़े। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उपद्रवियों ने सबसे पहले CCTV कैमरों को निशाना बनाया ताकि उनकी पहचान न हो सके और डिजिटल सबूत मिटाए जा सकें। फिलहाल नोएडा पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है और आने वाले दिनों में कई बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।














