नासिक: शहर के प्रतिष्ठित बीपीओ (BPO) सेक्टर से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है जिसने पूरे कॉर्पोरेट जगत को हिलाकर रख दिया है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और सुनियोजित तरीके से जबरन धर्म परिवर्तन के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है। इस पूरे काले खेल की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि कंपनी की एचआर मैनेजर निदा खान बताई जा रही है। ऑफिस के भीतर उसके आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कर्मचारी उसे ‘दबंग मैम’ के खौफनाक उपनाम से पुकारते थे।
‘दबंग मैम’ का काला साम्राज्य: ऑफिस बना धर्मांतरण का केंद्र
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि निदा खान का काम सिर्फ फाइलें देखना नहीं था, बल्कि वह दफ्तर के अंदर एक संगठित गिरोह चला रही थी। दर्ज की गई 9 एफआईआर के मुताबिक, निदा खान उन टीम लीडर्स को खुला संरक्षण देती थी जो महिला कर्मचारियों का शोषण करते थे। वह अपने एचआर पद का फायदा उठाकर युवतियों पर इस्लामी जीवनशैली अपनाने का मानसिक दबाव बनाती थी। पीड़ितों ने खुलासा किया है कि निदा उन्हें बुर्का पहनने के तरीके सिखाती थी और इसे एक ‘ऑर्डर’ की तरह लागू किया जाता था।
मलेशिया कनेक्शन और ‘इमरान’ का व्हाट्सएप ग्रुप
एसआईटी (SIT) की जांच में इस मामले के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ते दिख रहे हैं। पुलिस को एक ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप का पता चला है, जिसका संचालन मलेशिया से होने की आशंका है। इस ग्रुप में ‘इमरान’ नामक व्यक्ति के जरिए हिंदू कर्मचारियों का ब्रेनवॉश किया जाता था। इतना ही नहीं, ऑफिस के भीतर ही जबरन नमाज पढ़ाने और शाकाहारी कर्मचारियों को मांसाहारी भोजन खिलाने जैसे घिनौने कृत्य भी किए जाते थे। विरोध करने पर सीधे तौर पर करियर बर्बाद करने और भविष्य खराब करने की धमकी दी जाती थी।
खुफिया ऑपरेशन: सफाई कर्मचारी बनकर पुलिस ने की जासूसी
मामले की गंभीरता और सबूतों के अभाव को देखते हुए पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने एक अनूठा जाल बुछाया। पुलिस ने महिला कांस्टेबलों को ‘हाउसकीपिंग स्टाफ’ (सफाई कर्मचारी) बनाकर कंपनी के अंदर तैनात किया। इन महिला पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों के बीच रहकर इस पूरे सिंडिकेट की गतिविधियों को अपनी आंखों से देखा और पुख्ता सबूत जुटाए। इसी खुफिया ऑपरेशन के बाद अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ATS और NIA की एंट्री, विदेशी फंडिंग का शक
धर्म परिवर्तन के इस संगठित ढांचे को देखते हुए अब एटीएस (ATS) और एनआईए (NIA) जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। जांच टीम को संदेह है कि इस धर्मांतरण गिरोह को विदेशों से मोटी फंडिंग मिल रही थी। हालांकि, मुख्य आरोपी निदा खान अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है और फरार चल रही है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं। कंपनी प्रबंधन ने भी आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन असल राज निदा खान की गिरफ्तारी के बाद ही खुल पाएंगे।














