ड्रोन से बदमाश पकड़ने वाली पुलिस को गच्चा….किडनी कांड के चर्चित किरदार डॉ. अली ने कोर्ट में किया समर्पण…

– टोपी और मास्क लगाकर अदालत पहुंचा था डॉक्टर अली
– जाल बिछाने में जुटी पुलिस को सरेंडर की भनक भी नहीं
– 25 हजार के इनामी को कई जिलों में खोज रही थी खाकी
– ओटी टेक्निशियन अली की पहचान एक डॉक्टर के रूप में

कानपुर। ड्रोन के जरिए बदमाशों की गिरफ्तारी का दावा करने वाली कमिश्नरेट पुलिस को किडनी रैकेट के चर्चित किरदार मुदस्सर अली सिद्दीकी ने आइना दिखा दिया। यूपी, उत्तराखंड, मध्य़प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में अली की तलाश में कानपुर कमिश्नरेट पुलिस खाक छानती रही। दावा था कि, करीबियों तक शिकंजा टाइट है, जल्द ही डॉ. अली भी गिरफ्त में होगा। खाकी की तफ्तीश से अली बेचैन था, बावजूद पुलिस को चकमा देकर गुरुवार को एसीजेएम-6 की अदालत में हाजिर होकर जेल पहुंच गया। अली पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। डॉक्टर अली के रूप में विख्यात मुदस्सर अली सिद्दीकी दरअसल ओटी टेक्निशियन है, जोकि अवैध किडनी ट्रांसप्लांट में बतौर डॉक्टर ऑपरेशन करता था। पुलिस जांच में साफ हुआ है कि, किडनी गिरोह में कथित तौर पर डॉक्टर के रूप में शामिल कई अभियुक्त असली डॉक्टर भी नहीं हैं।

कचहरी में सिर पर टोपी और चेहरे पर मास्क
किडनी रैकेट के सरगना रोहित तिवारी की गिरफ्तारी के बाद किडनी ट्रांसप्लांट के लिए ऑपरेशन करने वाले डॉ. अली की जोर-शोर से तलाश थी। इसी दरमियान, गुरुवार को खाकी की घेराबंदी को गच्चा देकर डॉ. अली ने अदालत में समर्पण कर दिया। अली के अधिवक्ता मोहित द्विवेदी का कहना है कि, उनके मुवक्किल का नाम एफआईआर में नहीं था। पुलिस की जांच में अली का नाम सामने आने के बाद सोमवार को अदालत में अर्जी लगाई थी। 16 मई को विवेचक ने अदालत को बताया कि, अली भी एफआईआर में वांछित हैं। ऐसे में मुदस्सिर अली सिद्दीकी ने गुरुवार को एसीजेएम-6 की कोर्ट में समर्पण कर दिया, जिसके बाद अदालत ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिर पर टोपी और चेहरे पर मास्क लगाकर कोर्ट परिसर पहुंचे डॉ. अली को कोई भी पुलिसकर्मी पहचान नहीं पाया।

इंटर पास ‘डॉक्टर’ के गिरोह में अली भी फर्जी
किडनी रैकेट में गिरफ्तार असली डॉक्टरों की भूमिका फिलहाल सिर्फ किराये पर अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर मुहैया कराने तक नजर आई है। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य सभी कथित डॉक्टर फर्जी हैं। रैकेट का मास्टरमाइंड डॉ. रोहित तिवारी भी एनेस्थीसिया का डॉक्टर नहीं था, बल्कि वह 12वीं पास वार्ड-ब्वाय निकला। गिरोह का अहम किरदार डॉ. अली का असली नाम मुदस्सिर अली सिद्दीकी है, जोकि दिल्ली के द्वारिका का निवासी है। नोयडा-मेरठ के अस्पताल में ओटी टेक्निशियन की नौकरी करने वाले अली ने कुछ साल पहले दिल्ली में ऑपरेशन की ट्रेनिंग लेने के बाद खुद को डॉक्टर घोषित कर दिया और किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में बतौर ऑपरेशन स्पेशलिस्ट की हैसियत से जुड़ गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि, रैकेट में शामिल रोहित और अली के अलावा डॉ. वैभव मुद्गल, डॉ. अमित चौधरी और डॉ. अफजल भी असली डॉक्टर नहीं हैं।

तीन सहायकों के साथ अली करता था ऑपरेशन
रैकेट के सरगना रोहित की गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट हुआ है कि, ओटी टेक्निशियन मुदस्सिर अली सिद्दीकी ऑपरेशन थियेटर के अंदर मुख्य भूमिका में रहता था। वह डोनर और रिसीवर के पेट में सर्जिकल कट लगाने के बाद किडनी निकालकर मरीज के पेट में शिफ्ट करता था। ऑपरेशन के दौरान अली के साथ एक जूनियर डॉक्टर और दो ओटी सहायक रहते थे। ऑपरेशन के बाद दो लोग लखनऊ निकल जाते थे, जबकि शेष दो लोग गाजियाबाद। गाजियाबाद से गिरफ्तार हुए ओटी टेक्निशियन राजेश कुमार का दावा है कि, इस वर्ष जनवरी से अप्रैल के दरमियान, कानपुर में पांच किडनी ट्रांसप्लांट हुए थे। सभी मामलों में अली ने ऑपरेशन के दौरान मुख्य भूमिका निभाई थी।

गर्लफ्रैंड के चक्कर में पकड़ा गया रोहित
रैकेट के मास्टरमाइंड रोहित तिवारी की गिरफ्तारी के बाद मुदस्सिर अली सिद्दीकी काफी घबरा गया था। इसी नाते उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए आत्म-समर्पण की योजना बनाई। पुलिस का दावा था कि, मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली व डॉ. अफजल अहमद के करीबियों को पुलिस ने रडार पर लिया है। इनके मोबाइल फोन नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं, ऐसे में किसी भी वक्त गिरफ्तारी संभव है। इस दावे के इतर अली ने पुलिस को गच्चा देकर समर्पण कर दिया। गौरतलब है कि, अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में फरार मास्टरमाइंड पुलिस ने रोहित तिवारी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। रोहित अपनी गर्लफ्रेंड और दिल्ली के नर्सिंग होम संचालक से वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए जुड़ा हुआ था। उसकी यही गलती भारी पड़ गई। पुलिस पहले उसकी गर्लफ्रेंड और नर्सिंग होम संचालक तक पहुंची। गर्लफ्रेंड से रोहित तिवारी के बारे में जानकारी मिल गई। मास्टरमाइंड रोहित तिवारी सोमवार को कल्याणपुर के इंदिरानगर में वकील से मिलने निकला था, इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया।

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