नई दिल्ली। तकनीक की दुनिया से इस हफ्ते आई खबरों ने ग्लोबल जॉब मार्केट में डर का माहौल पैदा कर दिया है। टेक जगत में आया यह ‘सियासी और आर्थिक भूचाल’ साफ संकेत दे रहा है कि आने वाला समय इंसानी श्रम के बजाय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दबदबे वाला होगा। मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और अल्फाबेट जैसी दिग्गज कंपनियों ने जिस तरह से हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है, वह केवल एक शुरुआत मानी जा रही है। सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पूरी इंडस्ट्री एक बड़े ‘लेबर शेक-अप’ (श्रम बदलाव) से गुजर रही है।
AI के लिए 700 अरब डॉलर का दांव, इंसानी नौकरियों पर चली कैंची
कंपनियां अब अपने वर्कफोर्स पर होने वाले खर्च को कम करके सारा पैसा AI के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में झोंक रही हैं। इस साल दुनिया की चार सबसे बड़ी टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 700 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी में हैं। कंपनियां अब खुद की दक्षता बढ़ाने के लिए इंसानी टीमों के बजाय AI टूल्स का सहारा ले रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह छंटनी न केवल भविष्य की तैयारी है, बल्कि कोरोना महामारी के दौरान की गई ‘जरूरत से ज्यादा भर्ती’ (Over-hiring) को सुधारने का एक तरीका भी है।
डराने वाले आंकड़े: 2026 में अब तक 92,000 से ज्यादा बेरोजगार
Layoffs.fyi के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 की शुरुआत से अब तक 92,000 से ज्यादा टेक कर्मचारी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं। यदि 2020 से अब तक का हिसाब लगाएं, तो यह भयावह आंकड़ा लगभग 9 लाख तक पहुंच गया है। टेक दिग्गजों का कहना है कि वे अब ‘लीन और मीन’ (छोटा और प्रभावी संगठन) बनने की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसका सीधा असर मध्य और निचले स्तर के कर्मचारियों पर पड़ रहा है।
दिग्गज कंपनियों का हाल: स्नैप से लेकर नाइकी तक सब प्रभावित
मेटा और माइक्रोसॉफ्ट इस समय छंटनी के मामले में फ्रंटफुट पर हैं:
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Meta: अपने वर्कफोर्स में 10% की कटौती कर रहा है, जिससे लगभग 8,000 नौकरियां खत्म होंगी। साथ ही 6,000 खाली पदों को भरने की योजना रद्द कर दी गई है।
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Microsoft: अपने अमेरिकी कर्मचारियों को ‘स्वैच्छिक बायआउट’ (Voluntary Buyout) का ऑफर दे रहा है, ताकि कर्मचारी खुद इस्तीफा दे सकें।
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Snap: ने अपने कार्यबल में 16% की भारी कटौती की है।
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Salesforce: ने 4,000 कस्टमर सपोर्ट पदों को समाप्त कर दिया है, क्योंकि यहां अब AI चैटबॉट्स काम संभाल रहे हैं।
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Nike & Oracle: नाइकी ने 1,400 और ओरेकल ने भी हजारों तकनीकी पदों पर कटौती की घोषणा की है।
एंट्री-लेवल जॉब्स पर संकट, AI विशेषज्ञों की चांदी
बाजार का नया मिजाज बताता है कि अब एंट्री-लेवल और जनरल आईटी (IT) पदों के लिए रास्ते बंद हो रहे हैं। नई भर्तियों की रफ्तार बहुत सुस्त पड़ गई है। इसके विपरीत, जो लोग AI इंजीनियरिंग और डेटा साइंस जैसी विशिष्ट भूमिकाओं में माहिर हैं, उनकी मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। वेतन के मामले में भी एक बड़ी खाई नजर आ रही है; जहां सामान्य आईटी पेशेवरों की सैलरी स्थिर है, वहीं AI से जुड़ी कैटेगरी में सैलरी में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।














