आगरा: उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में स्मार्ट मीटर लगाए जाने को लेकर बिजली उपभोक्ताओं और किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। विरोध की आग अब सड़कों तक पहुंच गई है, जहां राजनीतिक दल और किसान संगठन एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की बड़ी ‘जनाक्रोश रैली’ होने जा रही है, वहीं भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने भी 11 मई को महापंचायत का ऐलान कर दिया है।
सपा की जनाक्रोश रैली: एमजी रोड से कलेक्ट्रेट तक शक्ति प्रदर्शन
स्मार्ट मीटर के विरोध में आज सोमवार को समाजवादी पार्टी आगरा में बड़ा प्रदर्शन कर रही है। सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के नेतृत्व में यह रैली धौलपुर हाउस, एमजी रोड से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक जाएगी। सपा का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को लूटा जा रहा है और सरकार की नीतियां गरीब विरोधी हैं। पार्टी की मांग है कि मीटर लगाने की प्रक्रिया तुरंत रोकी जाए।
राकेश टिकैत की एंट्री: 11 मई को अकोला में गरजेंगे किसान नेता
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव में जनसंपर्क शुरू कर दिया है। 11 मई को कागारौल के कस्बा अकोला स्थित चरण सिंह महाविद्यालय में एक विशाल विरोध रैली आयोजित की जाएगी, जिसे राकेश टिकैत संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि अकोला वही स्थान है जहां हाल ही में ग्रामीणों ने दर्जनों स्मार्ट मीटर उखाड़कर बिजली उपकेंद्र पर फेंक दिए थे।
विवाद की जड़: प्रीपेड मोड और मुकदमेबाजी का गुस्सा
आगरा के दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लेकर मुख्य विवाद है। उपभोक्ताओं का कहना है:
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आर्थिक बोझ: नए मीटरों से बिल अधिक आ रहा है और नेटवर्क की समस्या के कारण बार-बार बिजली कट रही है।
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विकल्प का अभाव: सरकार ने कहा था कि उपभोक्ता प्रीपेड या पोस्टपेड का विकल्प चुन सकेंगे, लेकिन धरातल पर केवल प्रीपेड मीटर ही थोपे जा रहे हैं।
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एफआईआर का विरोध: मीटर उखाड़ने के मामले में 16 नामजद और 600 अज्ञात लोगों पर जो मुकदमे दर्ज हुए हैं, उन्हें वापस लेने की मांग की जा रही है।
बीकेयू का अल्टीमेटम: अकोला में अनिश्चितकालीन धरना शुरू
BKU के जिलाध्यक्ष राजवीर लवानिया ने स्पष्ट किया है कि आज से अकोला में अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ किया जा रहा है। उनकी प्रमुख मांगे हैं:
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प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक।
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पुराने मीटरों को वापस लगाना।
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गड़बड़ी करने वाली कंपनियों और अधिकारियों पर कार्रवाई।
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किसानों पर दर्ज मुकदमे बिना शर्त वापस लेना।
अधिकारियों का पक्ष: ‘हम आदेश के गुलाम’
विरोध के बीच डीवीवीएनएल के मुख्य अभियंता कपिल सिंह सिंधसानी का कहना है कि विभाग केवल शासन के आदेशों का पालन कर रहा है। वर्तमान में स्मार्ट मीटर लगाने का निर्देश है, इसलिए काम जारी है। यदि शासन से कोई नया आदेश आता है, तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।









