
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज सोमवार दोपहर 3 बजे उनके सरकारी आवास पर एक बेहद महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक होने जा रही है। इस बैठक में राज्य के लाखों कर्मचारियों के भविष्य और विकास कार्यों से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। माना जा रहा है कि सरकार इस साल की नई तबादला नीति के साथ-साथ महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का तोहफा भी दे सकती है।
नई तबादला नीति 2026: क्या होंगे नियम?
कैबिनेट बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा ‘तबादला नीति 2026’ को मंजूरी देना है। प्रस्ताव के मुताबिक, 31 मई तक राज्य कर्मचारियों के तबादलों की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। नई नीति के तहत:
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कार्यकाल की सीमा: जिले में 3 वर्ष और मंडल में 7 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी तबादले के पात्र होंगे।
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दंपत्ति नीति: सरकारी सेवा में कार्यरत पति-पत्नी को एक ही जिले या स्थान पर तैनाती देने के प्रावधान को प्राथमिकता दी जाएगी।
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विशेष राहत: दिव्यांग कर्मचारियों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कर्मियों को स्थानांतरण में विशेष रियायत दी जा सकती है।
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आकांक्षी जिले: विकास की दौड़ में पिछड़े ‘आकांक्षी जिलों’ में कोई भी पद खाली न रहे, इसके लिए सख्त व्यवस्था जारी रहेगी।
महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव
राज्य कर्मचारियों के लिए एक और बड़ी खबर यह है कि कैबिनेट में 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। अगर इस पर सहमति बनती है, तो बढ़ी हुई दरें जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। इससे प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन में सीधा इजाफा होगा, जिससे उनके मनोबल को बल मिलेगा।
सड़क निर्माण और तारकोल की कीमतों पर फैसला
बैठक में विकास कार्यों, विशेषकर लोक निर्माण विभाग (PWD) से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी। तारकोल (Bitumen) की बढ़ती कीमतों के कारण पुराने टेंडरों में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए बढ़े हुए रेट की भरपाई का फैसला लिया जा सकता है। इसका उद्देश्य सड़क निर्माण कार्यों की गति को बरकरार रखना और लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है।
कर्मचारी हित और पारदर्शिता पर फोकस
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, यह कैबिनेट बैठक पारदर्शिता और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। तबादला नीति और डीए वृद्धि जैसे फैसलों से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों का भी निस्तारण होगा।









