मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने एक ऐसी अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जिसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। इंचौली थाना क्षेत्र के खरदौनी गांव में अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए किसी फिल्मी पटकथा की तरह घर के अंदर अलमारी के नीचे सुरंग बनाकर फैक्ट्री संचालित कर रखी थी। मंगलवार देर रात पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस “पाताल लोक” का पर्दाफाश किया।
अलमारी के नीचे छिपा था जुर्म का रास्ता
पुलिस जब छापेमारी करने पहुंची, तो कमरे में सब कुछ सामान्य दिख रहा था। लेकिन शक होने पर जब एक पुरानी अलमारी को चेक किया गया, तो उसके फर्श के नीचे एक सुरंग मिली।
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अनोखा प्रवेश द्वार: अलमारी का दरवाजा खोलते ही नीचे जाने वाली सीढ़ियां और एक लंबी सुरंग दिखाई दी।
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अंदर का नजारा: सुरंग के भीतर अवैध तमंचे बनाने का पूरा सेटअप लगा हुआ था, जहाँ अपराधी बेखौफ होकर हथियारों का निर्माण कर रहे थे।
BCA छात्र और अनुभवी अपराधी मिलकर चला रहे थे नेक्सस
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा आरोपियों की प्रोफाइल को लेकर हुआ है। पुलिस ने कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें काम का बँटवारा कुछ इस तरह था:
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इमरान (मुख्य संचालक): 40 वर्षीय इमरान इस गिरोह का मास्टरमाइंड है, जो 25 साल पहले भी इसी जुर्म में जेल जा चुका है। वह तमंचे बनाने में माहिर है।
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उमंग ठाकुर (BCA छात्र): गिरोह का सबसे पढ़ा-लिखा सदस्य, जो हथियारों की डिलीवरी और ग्राहकों तक सप्लाई चैन मैनेज करने का काम करता था।
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कुलदीप और नरेंद्र: ये दोनों बिचौलिए का काम करते थे, जो ग्राहकों को ढूंढकर फैक्ट्री के संपर्कों तक पहुंचाते थे।
बरामदगी और मशीनरी
पुलिस ने मौके से हथियारों का जखीरा और उन्हें बनाने वाली भारी मशीनरी बरामद की है:
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तैयार और अधबने तमंचे।
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36 स्प्रिंग, 45 नाल, 115 स्प्रिंग केस और 12 बोर की नाल के पुर्जे।
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भारी उपकरण: वेल्डिंग मशीन, खराद (Lathe) मशीन, ग्राइंडर, ड्रिल बिट और अन्य औजार।
ऑन डिमांड होती थी सप्लाई
एसपी देहात अभिजीत कुमार सिंह ने बताया कि यह गिरोह ‘ऑन डिमांड’ हथियार तैयार करता था। मुख्य आरोपी इमरान पर मेरठ के अलावा दिल्ली में भी आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन हथियारों की सप्लाई किन-किन राज्यों में की जा रही थी और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।













