केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने लाखों छात्रों का इंतजार खत्म करते हुए आज, 13 मई को कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल भी ठीक इसी तारीख को नतीजे सामने आए थे। इस साल लगभग 18.5 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, जो अब बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी अपना स्कोरकार्ड चेक कर सकते हैं। 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक चली इन परीक्षाओं के लिए बोर्ड ने इस बार तकनीक का सहारा लिया, लेकिन रिजल्ट की तारीख में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया।
डिजिटल माध्यमों से तुरंत चेक करें अपना स्कोर
रिजल्ट जारी होते ही डिजीलॉकर (DigiLocker) की वेबसाइट और उमंग (UMANG) ऐप पर लिंक सक्रिय कर दिए गए हैं। छात्र अब बिना किसी देरी के अपनी डिजिटल मार्कशीट एक्सेस कर सकते हैं। भारी ट्रैफिक के कारण आधिकारिक वेबसाइट पर दबाव को देखते हुए, बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे वैकल्पिक वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स का भी उपयोग करें। इस बार बोर्ड ने ‘ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम’ के जरिए कॉपियों का मूल्यांकन किया था, जिसमें शिक्षकों ने लैपटॉप और टैब की मदद ली थी।
डिजीलॉकर पर रिजल्ट चेक करने की आसान प्रक्रिया
डिजिटल इंडिया की पहल के तहत छात्र अपनी आधिकारिक मार्कशीट डिजीलॉकर से भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए आपको इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा:
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सबसे पहले digilocker.gov.in पर जाएं या ऐप ओपन करें।
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अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या पहचान संख्या (Aadhaar Number) के जरिए ओटीपी प्राप्त कर लॉगिन करें।
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होम पेज पर ‘Education’ सेक्शन में जाकर ‘CBSE’ को चुनें।
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यहाँ ‘Class XII Marksheet’ के लिंक पर क्लिक करें।
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अपना रोल नंबर, स्कूल कोड और एडमिट कार्ड आईडी दर्ज करें।
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‘Get Document’ पर क्लिक करते ही आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर होगी।
त्रिवेंद्रम और चेन्नई ने फिर गाड़े सफलता के झंडे
क्षेत्रवार प्रदर्शन की बात करें तो इस साल भी दक्षिण भारत के क्षेत्रों का दबदबा कायम रहा। त्रिवेंद्रम और चेन्नई रीजन ने पासिंग प्रतिशत के मामले में पूरे देश में बाजी मारी है। हालांकि, अगर कुल पासिंग प्रतिशत की तुलना पिछले साल से की जाए, तो इस बार के परिणाम में 3.19% की गिरावट दर्ज की गई है। इस साल का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20% रहा है।
टॉपर्स लिस्ट पर बोर्ड का रुख स्पष्ट
हर बार की तरह इस साल भी सीबीएसई ने आधिकारिक तौर पर कोई ‘मेरिट लिस्ट’ या टॉपर्स की सूची जारी नहीं करने का फैसला किया है। बोर्ड का मानना है कि इससे छात्रों के बीच अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा (Unhealthy Competition) कम होती है। हालांकि, छात्र अपने व्यक्तिगत अंकों के आधार पर अपनी रैंकिंग जान सकते हैं और स्कूल स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों की जानकारी साझा की जा रही है।














