NEET UG 2026 रद्द: पेपर लीक के बाद NTA का बड़ा फैसला, अब दोबारा होगी परीक्षा; जानें छात्रों के एडमिशन और काउंसलिंग पर क्या होगा असर

देशभर के लाखों मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एक बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक तौर पर 3 मई 2026 को आयोजित की गई NEET-UG परीक्षा को रद्द करने का ऐलान कर दिया है। यह कठोर कदम परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक की पुख्ता खबरों के बाद उठाया गया है। इस फैसले ने न केवल एडमिशन की प्रक्रिया को अधर में लटका दिया है, बल्कि उन छात्रों के भविष्य पर भी सवालिया निशान लगा दिया है जो डॉक्टर बनने का सपना संजोए बैठे थे।

एडमिशन और काउंसलिंग में देरी की आशंका

परीक्षा रद्द होने का सबसे सीधा और गंभीर असर मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि MBBS, BDS और AYUSH जैसे कोर्सेज के लिए होने वाली काउंसलिंग में अब 1 से 2 महीने की देरी हो सकती है। इसका मतलब यह है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 भी अपने निर्धारित समय से काफी पिछड़ जाएगा। छात्र और अभिभावक अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या इस साल का सेशन समय पर शुरू हो पाएगा या फिर जीरो ईयर जैसी स्थिति पैदा होगी।

नई मेरिट लिस्ट और ऑल इंडिया रैंकिंग का गणित

परीक्षा दोबारा आयोजित होने का अर्थ है कि पुरानी ऑल इंडिया रैंक और स्कोरकार्ड अब पूरी तरह से रद्दी हो चुके हैं। जिन छात्रों ने पहले अच्छे अंक हासिल किए थे और जिन्हें टॉप मेडिकल कॉलेजों में सीट मिलने की उम्मीद थी, उन्हें अब फिर से अपनी योग्यता साबित करनी होगी। दोबारा परीक्षा होने से मेरिट लिस्ट में बड़े फेरबदल की संभावना है, जिससे सीटों का पूरा समीकरण बदल सकता है।

दोबारा परीक्षा: छात्रों को क्या करना होगा?

NTA ने स्पष्ट किया है कि NEET-UG 2026 की परीक्षा फिर से आयोजित की जाएगी। इसके लिए छात्रों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना होगा:

  • नया एडमिट कार्ड: 3 मई वाली परीक्षा के एडमिट कार्ड अब अमान्य हैं; बोर्ड जल्द ही नए प्रवेश पत्र जारी करेगा।

  • कोई अतिरिक्त फीस नहीं: अच्छी खबर यह है कि छात्रों को दोबारा परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी और न ही फिर से रजिस्ट्रेशन की जरूरत है।

  • तैयारी का नया दौर: छात्रों को फिर से वही सिलेबस और कड़ी मेहनत के दौर से गुजरना होगा, जो उनके लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

बढ़ता मानसिक दबाव और अनिश्चितता

परीक्षा रद्द होने की खबर ने लाखों युवाओं को मानसिक तनाव में डाल दिया है। महीनों की मेहनत के बाद जब छात्र रिलैक्स होने और काउंसलिंग की तैयारी करने की सोच रहे थे, तब उन्हें दोबारा मैदान में उतरने का फरमान मिल गया। सोशल मीडिया से लेकर कोचिंग सेंटरों तक, हर जगह छात्रों में भविष्य की अनिश्चितता को लेकर रोष और चिंता साफ देखी जा सकती है।

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