प्रयागराज ट्रिपल मर्डर केस का 24 घंटे में खुलासा: मुठभेड़ में मुख्य आरोपी हिमांशु को लगी गोली, ग्राम प्रधान समेत 5 गिरफ्तार

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से इस समय की बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. यमुनानगर जोन के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकरकटवा गांव में 15 जून की रात हुए खौफनाक तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) का प्रयागराज पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस ने एक साहसिक मुठभेड़ के बाद घटना के मुख्य मास्टरमाइंड हिमांशु यादव समेत कुल 5 आरोपियों को दबोच लिया है. मंगलवार देर रात हुई इस मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी हिमांशु ने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लग गई. घायल आरोपी को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश बनी इस खौफनाक वारदात की वजह

डीसीपी (यमुनानगर जोन) विवेक चंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुकरकटवा गांव में दो बुजुर्ग महिलाओं और एक बुजुर्ग पुरुष की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल था. मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने गांव के ही 21 वर्षीय युवक हिमांशु यादव के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी.

पुलिसिया तफ्तीश में सामने आया कि यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग (Love Affair) और गहरे पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ था. मुख्य आरोपी हिमांशु यादव का मृतक बुजुर्ग के भाई की बेटी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. करीब चार महीने पहले दोनों शादी करने की नीयत से घर छोड़कर भाग गए थे. इस बात से लड़की के बड़े पापा (मृतक बुजुर्ग) बेहद नाराज थे और वे लगातार इस रिश्ते का कड़ा विरोध कर रहे थे. इसी सामाजिक लोकलाज और विरोध के गुस्से में आकर हिमांशु ने बदला लेने की ठानी और अपने साथियों के साथ मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दे डाला.

सोशल मीडिया और कॉल डिटेल (CDR) से खुला हत्या का राज

इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में प्रयागराज पुलिस के हाथ दो बेहद महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी सबूत लगे, जिसने आरोपियों को बेनकाब कर दिया:

  1. आखिरी कॉल डिटेल: सर्विलांस टीम की जांच में सामने आया कि घटना की रात करीब सवा दस बजे (10:15 PM) मृतक बुजुर्ग के मोबाइल फोन पर आरोपी हिमांशु के नंबर से ही आखिरी कॉल आई थी.

  2. फेसबुक प्रोफाइल की तस्वीरें: पुलिस ने जब आरोपी का सोशल मीडिया खंगाला, तो हिमांशु के फेसबुक (Facebook) हैंडल पर मृतक के भाई की बेटी के साथ कुछ पुरानी तस्वीरें मिलीं, जिन्हें कुछ महीने पहले एक-दूसरे को टैग करके सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था. इससे प्रेम प्रसंग की बात सौ फीसदी सच साबित हो गई.

दरोगा की पिस्टल छीनकर भाग रहा था आरोपी, पुलिस ने पैर में मारी गोली

पूछताछ के दौरान हिमांशु ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने बताया कि हत्या में इस्तेमाल किए गए आला-कत्ल (हथियार) को उसने परानीपुर रोड के पास झाड़ियों में छिपाकर रखा है. मंगलवार की रात जब मेजा थाने की पुलिस टीम उसे हथियार बरामद कराने के लिए मौके पर ले गई, तो हिमांशु ने चालाकी दिखाते हुए एक दरोगा की सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर ही ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली हिमांशु के पैर में जा लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा.

अपराधियों को पनाह देने और बात छिपाने के आरोप में ग्राम प्रधान भी नपा

प्रयागराज पुलिस ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मुख्य आरोपी हिमांशु यादव के अलावा उसके साथी निहाल गौतम और वारदात को अंजाम देने में साथ रहे एक अन्य सहयोगी को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी के सगे भाई अंकित यादव को भी दबोचा है, जो वारदात के बाद हिमांशु को गुप्त ठिकानों पर छिपाने और शहर से भगाने में पूरी मदद कर रहा था.

इस पूरे मामले का सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि पुलिस ने कुकरकटवा गांव के मौजूदा प्रधान गुड्डू यादव को भी सह-आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया है. ग्राम प्रधान पर यह गंभीर आरोप है कि जब चार महीने पहले प्रेमी जोड़ा घर से भागा था, तब उन्होंने कानून को हाथ में लेते हुए इस बात को पुलिस और प्रशासन से जानबूझकर छिपाया था. प्रधान ने थाने में शिकायत दर्ज कराने के बजाय गैर-कानूनी तरीके से दोनों पक्षों के बीच पंचायती समझौता कराने का प्रयास किया था, जिससे आरोपी के हौसले बढ़ गए. डीसीपी ने साफ किया है कि कोर्ट में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए अन्य वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.

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