वॉशिंगटन/तेहरान। वैश्विक मंच से इस वक्त की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। पिछले कई महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच चला आ रहा भीषण सैन्य और कूटनीतिक संघर्ष आखिरकार आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है। दोनों देशों के बीच शांति बहाली के लिए तैयार किए गए अंतरिम समझौता ज्ञापन (MoU) पर अंतिम मुहर लग गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसके साथ ही दोनों महाशक्तियों के बीच चल रही जंग का अंत हो गया है।
फ्रांस के वर्साय पैलेस में राष्ट्रपति ट्रंप ने किया ऐतिहासिक हस्ताक्षर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस (Versailles Palace) में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा होस्ट किए गए एक विशेष डिनर के दौरान इस समझौते की हार्ड कॉपी पर औपचारिक रूप से अपने हस्ताक्षर किए। इस बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रंप बेहद आक्रामक और संतुष्ट अंदाज में नजर आ रहे हैं। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय में ईरान मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।” महल से निकलते वक्त ट्रंप ने बेहद उत्साह में मीडिया की तरफ चिल्लाकर कहा— “It’s signed” (इस पर हस्ताक्षर हो चुके हैं)।
ईरानी राष्ट्रपति ने तेहरान से किए डिजिटल साइन, तत्काल प्रभाव से लागू हुई डील
एक तरफ जहां राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में फिजिकल कॉपी पर साइन किए, वहीं दूसरी तरफ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने तेहरान से इलेक्ट्रॉनिक (डिजिटल) तरीके से इस समझौते पर अपनी सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए। ईरानी मीडिया ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान की तस्वीरें भी जारी की हैं। भारतीय समयानुसार (IST) गुरुवार सुबह 5 बजे दोनों शीर्ष नेताओं के हस्ताक्षर होते ही यह समझौता दुनिया भर में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, समझौते को पूरी तरह अमलीजामा पहनाने के लिए हस्ताक्षरित प्रतियों की तस्वीरें ईरान और इस मामले में मध्यस्थता कर रहे सहयोगी देशों को तुरंत भेज दी गई हैं।
खुल जाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य, महीनों से ठप पड़ा व्यापार होगा शुरू
इस ऐतिहासिक शांति समझौते का सबसे बड़ा और सकारात्मक असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण पिछले कई महीनों से बंद पड़ा रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब व्यापार के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच दशकों पुराने तनाव को कम करने और खाड़ी क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। इससे पहले रविवार को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने भी इस MoU पर शुरुआती इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए थे।
जिनेवा में होने वाली बैठक पर टिकी दुनिया की निगाहें
इस महा-समझौते के बाद अब दोनों देशों के राजनयिकों का अगला पड़ाव स्विट्जरलैंड का जिनेवा शहर होने वाला है, जहां शुक्रवार को पहले से ही एक हाई-लेवल मीटिंग तय है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिनेवा में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समझौते पर हस्ताक्षर करना नहीं था, क्योंकि वह काम पहले ही पूरा हो चुका है। अब जबकि दोनों देशों के राष्ट्रध्यक्षों ने आधिकारिक रूप से डील फाइनल कर दी है, तो इस आगामी बैठक के एजेंडे में क्या बदलाव होंगे और आगे का रोडमैप क्या होगा, इस पर अंतिम फैसला अगले कुछ घंटों में लिया जाएगा।















