नई दिल्ली। देश में इस समय ओटीपी (OTP) फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं और डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) जैसे खौफनाक साइबर अपराध बेहद तेजी से अपने पैर पसार रहे हैं. हर दिन हजारों मासूम लोग इन शातिर ठगों के जाल में फंसकर अपनी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं. इसके बाद पीड़ितों को अपना ही पैसा वापस पाने के लिए बैंकों, पुलिस थानों और सरकारी दफ्तरों के हफ्तों चक्कर काटने पड़ते थे.
लेकिन अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर ठगी के शिकार हुए लोगों को एक बहुत बड़ी राहत दी है. सरकार ने एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘मोबाइल रिस्टोरेशन मॉड्यूल’ यानी एमआरएम पोर्टल (MRM Portal) की शुरुआत की है. इस क्रांतिकारी पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब पीड़ित व्यक्ति बिना किसी दफ्तर की दौड़-भाग किए, घर बैठे ही अपनी डूबी हुई रकम को रिफंड पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकता है. हालांकि, इस रिफंड का फायदा सिर्फ उन्हीं अलर्ट लोगों को मिलेगा, जिन्होंने ठगी होते ही तुरंत शिकायत दर्ज कराई थी और ठगों के बैंक खातों में पैसा समय रहते फ्रीज (Freeze) करा दिया था.
क्या है Mobile Restoration Module (MRM)?
मोबाइल रिस्टोरेशन मॉड्यूल असल में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा तैयार की गई एक बेहद आधुनिक व्यवस्था है. यह मॉड्यूल केंद्र सरकार के ‘नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल’ के एक अभिन्न हिस्से के रूप में काम करता है. इसका मुख्य उद्देश्य साइबर फ्रॉड का शिकार हुए नागरिकों के पैसे को वापस दिलाने की बेहद जटिल और उबाऊ कानूनी प्रक्रिया को एकदम आसान और पारदर्शी बनाना है. अब इसके आ जाने से पीड़ितों को कोर्ट-कचहरी और बैंकों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी.
किन पीड़ितों को मिलेगा रिफंड का पूरा पैसा? जानिए 2 जरूरी शर्तें
अगर आप भी इस पोर्टल के जरिए अपना रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तो इसके लिए सरकार ने दो बेहद महत्वपूर्ण शर्तें तय की हैं, जिनका पूरा होना अनिवार्य है:
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पहली शर्त: ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया हो या फिर नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कराई हो.
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दूसरी शर्त: पीड़ित की त्वरित शिकायत के आधार पर पुलिस और बैंक द्वारा कार्रवाई करते हुए ठग (स्कैमर) के बैंक खाते में उस फ्रॉड की रकम को सफलतापूर्वक होल्ड या फ्रीज कर दिया गया हो.
नोट: यदि ठग ने आपके खाते से पैसे निकालकर तुरंत कैश विथड्रॉ कर लिया है या उसे ठिकाने लगा दिया है, तो रिफंड पाना मुश्किल होगा. इसलिए फ्रॉड होते ही तुरंत शिकायत करना सबसे जरूरी है.
पैसों के हिसाब से रिफंड के अलग-अलग नियम: कब चाहिए होगी FIR और कोर्ट का आदेश?
सरकार ने रिफंड की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसे पैसों की लिमिट के आधार पर तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है:
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₹50,000 से कम की रकम पर: यदि ठग के खाते में फ्रीज की गई कुल राशि 50 हजार रुपये से कम है, तो पीड़ित को किसी भी तरह की एफआईआर (FIR) या कोर्ट के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं होगी. केवल शुरुआती पुलिस शिकायत के आधार पर ही सीधे खाते में पैसा रिफंड कर दिया जाएगा.
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अलग-अलग खातों में बंटी रकम पर: यदि आपकी कुल ठगी गई रकम 50 हजार रुपये से ज्यादा है, लेकिन वह ठगों के अलग-अलग बैंक खातों में बंटी हुई है और किसी भी एक सिंगल खाते में 50 हजार से ज्यादा की रकम नहीं है, तो इस स्थिति में भी आपको FIR या कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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₹50,000 से अधिक की रकम होने पर: यदि किसी एक ही बैंक खाते में 50 हजार रुपये से अधिक की रकम फ्रीज की गई है, तो ऐसी स्थिति में रिफंड पाने के लिए स्थानीय थाने में बकायदा एफआईआर (FIR) दर्ज कराना और संबंधित कोर्ट से रिफंड का आदेश (Court Order) प्राप्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा.
MRM Portal पर रिफंड पाने का स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन तरीका
अगर आप ऊपर दी गई शर्तों को पूरा करते हैं, तो नीचे दिए गए बेहद आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना पैसा वापस पा सकते हैं:
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स्टेप 1: सबसे पहले सरकार के आधिकारिक MRM Portal पर विजिट करें और वहां होमपेज पर दिख रहे ‘Citizen Login’ के विकल्प पर क्लिक करें.
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स्टेप 2: इसके बाद आपको वही मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा, जिसका इस्तेमाल आपने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते समय किया था.
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स्टेप 3: अब आपके मोबाइल पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा, उसे दर्ज करके पोर्टल में सुरक्षित लॉगिन करें.
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स्टेप 4: लॉगिन होने के बाद स्क्रीन पर दिख रहे ‘Raise Refund Request’ के विकल्प पर जाएं और अपनी 14 अंकों वाली नेशनल साइबर क्राइम शिकायत आईडी (Complaint ID) दर्ज करें.
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स्टेप 5: आईडी डालते ही सिस्टम आपके केस से जुड़ी फ्रीज हुई रकम की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखा देगा. इसके बाद आपको अपने पैन कार्ड (PAN Card) की एक साफ डिजिटल कॉपी स्कैन करके अपलोड करनी होगी.
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स्टेप 6: अब आपको उस बैंक खाते की पूरी जानकारी (खाता संख्या और आईएफएससी कोड) भरनी होगी, जिसमें आप अपना रिफंड का पैसा वापस मंगाना चाहते हैं.
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स्टेप 7: यदि आपका मामला 50 हजार रुपये से अधिक का है, तो आपके पास जो कोर्ट का आदेश है, उसकी डिजिटल कॉपी को यहाँ अपलोड करें.
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स्टेप 8: अंत में स्क्रीन पर दिए गए स्व-घोषणा पत्र (Declaration Form) को ध्यान से पढ़कर सहमति दें और ‘Submit’ बटन पर क्लिक कर दें. आपकी रिफंड रिक्वेस्ट दर्ज हो जाएगी और वेरिफिकेशन के बाद पैसा सीधे आपके खाते में आ जाएगा.















