बरेली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले को अलर्ट मोड़ पर ला दिया है। अवैध निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही के सामने आने के बाद अब बरेली नगर निगम का टैक्स विभाग भी पूरी तरह हरकत में आ गया है। शहर में आवासीय भवनों के नाम पर धड़ल्ले से चल रहे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल गतिविधियों पर अब गाज गिरने वाली है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों का न सिर्फ हाउस टैक्स बदला जाएगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर इमारतों को सीज भी किया जाएगा।
गली-मोहल्लों में चल रहे होटल-रेस्टोरेंट पर कसने जा रहा शिकंजा
नगर निगम की टीम ने शहर के गली-मोहल्लों में गैर-कानूनी तरीके से संचालित हो रहे होटल और रेस्टोरेंट को निशाने पर लिया है। इसके लिए विभागीय टीमों का गठन किया गया है जो मौके पर जाकर भवनों का भौतिक सत्यापन और पैमाइश करेंगी। जांच के दौरान यह तय किया जाएगा कि संबंधित भवन का उपयोग आवासीय श्रेणी में हो रहा है या व्यावसायिक। यदि किसी रिहाइशी मकान में व्यावसायिक गतिविधियां चलती पाई गईं, तो उसे तत्काल कमर्शियल श्रेणी में दर्ज कर नया टैक्स ढांचा लागू कर दिया जाएगा।
15 हजार मकानों में चल रहा कमर्शियल खेल, निगम ने कसा शिकंजा
नगर निगम के शुरुआती सर्वे में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शहर के करीब 15,000 ऐसे भवन चिन्हित किए गए हैं, जिनका टैक्स तो आवासीय दर से जमा किया जा रहा है, लेकिन उनका इस्तेमाल व्यावसायिक कामों के लिए हो रहा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी के अनुसार, इन भवनों की धरपकड़ के लिए एक व्यापक ‘सर्च अभियान’ शुरू किया जा रहा है। अलग-अलग जोनों और इलाकों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
2018 से लगेगा बैकडेटेड टैक्स, नहीं चुकाया तो दुकानें होंगी सील
नियमों को ठेंगा दिखाने वाले भवन स्वामियों को अब जेब काफी ढीली करनी पड़ सकती है। नगर निगम ऐसे सभी भवनों का वर्ष 2018 से लेकर अब तक का अंतर (आवासीय और व्यावसायिक टैक्स का फर्क) निकालेगा। इसके बाद पेनल्टी और जुर्माने के साथ मकान मालिकों को भारी-भरकम नोटिस थमाए जाएंगे। प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि निश्चित समय सीमा के भीतर बकाया टैक्स जमा न करने की स्थिति में संपत्ति को सील करने जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इन हॉटस्पॉट इलाकों में सबसे पहले शुरू होगी छापेमारी
नगर निगम ने अपने विशेष अभियान के पहले चरण के लिए शहर के उन संवेदनशील इलाकों को चुना है, जहां आवासीय क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों की सबसे ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं।
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किला क्षेत्र
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पुराना शहर
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पीलीभीत रोड
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राजेंद्र नगर
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मॉडल टाउन
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बानखाना
इन इलाकों में सर्वे टीमें जल्द ही घर-घर जाकर जांच पड़ताल शुरू करेंगी।
सिर्फ कमाई नहीं, सुरक्षा और नियमों का सख्ती से पालन ही प्राथमिकता
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मकसद सिर्फ राजस्व (टैक्स कमाई) बढ़ाना नहीं है, बल्कि लखनऊ जैसी किसी अनहोनी को बरेली में होने से रोकना भी है। आवासीय क्षेत्रों में बिना अग्निशमन और सुरक्षा मानकों के चल रहे होटल-रेस्टोरेंट आम जनता की जान के लिए बड़ा खतरा हैं। जांच में यदि सेफ्टी नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो भवन स्वामियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।











