
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिजनों से जुड़े ‘जौहर ट्रस्ट’ पर आयकर विभाग का शिकंजा पूरी तरह कसता जा रहा है। ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द करने के बाद अब आयकर विभाग ने भारी-भरकम जुर्माने के साथ टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, पूरी फाइल को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय मुख्यालय भेज दिया गया है, जहां से जल्द अंतिम आदेश जारी कर ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। वसूली की मुख्य वजह जांच के दौरान ट्रस्ट के पास पाई गई लगभग 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय बताई जा रही है।
वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग पर गिरी गाज
राजधानी लखनऊ स्थित आयकर विभाग ने बीते दिनों जौहर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया था। जांच में सामने आया था कि जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों के निर्माण में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं। इसमें फर्जी ट्रस्टी बनाने, संदिग्ध स्रोतों से चंदा हासिल करने और विभिन्न सरकारी विभागों के धन का अवैध इस्तेमाल करने जैसे गंभीर मामले उजागर हुए थे। आयकर विभाग ने ट्रस्ट प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी कर साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखने का मौका दिया था, लेकिन वे कोई भी पुख्ता प्रमाण या जवाब दाखिल करने में नाकाम रहे।
30 फीसदी जुर्माना और ब्याज के साथ होगी वसूली
आयकर विभाग अब इस 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय पर नियमानुसार 30 फीसदी जुर्माना और उस पर लगा ब्याज जोड़कर कुल 500 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की तैयारी में है। इसके अलावा, जिन सरकारी विभागों के फंड को नियम ताक पर रखकर जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों के निर्माण में झोंका गया था, उसकी अलग से भरपाई और वसूली राज्य सरकार के स्तर पर की जा सकती है।
ईडी की बड़ी कार्रवाई की तैयारी: यूनिवर्सिटी के भवन होंगे जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जौहर ट्रस्ट और आजम खां के करीबियों पर शिकंजा कस रहा है। पिछले दिनों ईडी की टीमों द्वारा की गई छापेमारी के बाद अब संदिग्धों को लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय बुलाकर लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि ईडी जल्द ही जौहर यूनिवर्सिटी के उन सभी भवनों और संपत्तियों को जब्त (Attach) करने जा रही है, जिनके निर्माण में सरकारी बजट का इस्तेमाल हुआ था। साथ ही, आजम खां और उनके परिवार की अन्य चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा खंगाला जा रहा है ताकि उन पर भी जब्ती की कानूनी कार्रवाई की जा सके।











