
देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने आम जनता और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर दक्षिण भारत से सामने आ रहे आंकड़े डराने वाले हैं। पहले से ही 39 कोविड मामलों से जूझ रहे आंध्र प्रदेश में बीते 24 घंटों के भीतर 10 नए पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 49 तक पहुंच गया है। नए मामलों के लगातार उजागर होने से कोरोना की एक और नई लहर का खतरा मंडराने लगा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दक्षिण भारत में कहर ढाने के बाद उत्तर भारत में भी कोविड के कुछ छिटपुट मामले दर्ज किए गए हैं, हालांकि चिंताजनक बात यह है कि अब तक हुई मौतें दक्षिण भारत में ही दर्ज की गई हैं।
कई जिलों में फैला दायरा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया बुलेटिन
आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, नए मिले 10 मामले किसी एक क्षेत्र तक सीमित न होकर राज्य के अलग-अलग जिलों से आए हैं। इससे यह डर गहरा गया है कि संक्रमण का दायरा तेजी से फैल रहा है। 10 नए मामलों में गुंटूर जिले से 3, एनटीआर जिले से 2 और अल्लूरी सीताराम राजू, एलुरु, कृष्णा, तिरुपति तथा विशाखापत्तनम जिलों से 1-1 मामला सामने आया है। राज्य में अब तक 302 संदिग्ध नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 49 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
जानिए किस जिले में मिले कितने मरीज?
आंकड़ों पर नजर डालें तो आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा प्रभावित पूर्वी गोदावरी जिला हुआ है, जहां अकेले 11 केस दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा:
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गुंटूर: 9 मामले
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कडपा: 8 मामले
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विशाखापत्तनम: 5 मामले
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एनटीआर: 3 मामले
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काकीनाडा, एलुरु और बापटला: 2-2 मामले
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अन्य जिले: 1-1 मामला
24 मरीज अस्पताल में भर्ती, 4 की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट
वर्तमान में एक्टिव 49 कोविड मरीजों में से 24 की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, 16 मरीज हल्के (माइल्ड) लक्षणों के साथ होम आइसोलेशन में हैं। राहत की बात यह है कि 5 मरीज पूरी तरह ठीक होकर घर लौट चुके हैं, लेकिन 4 मरीजों की मौत ने स्वास्थ्य तंत्र की नींद उड़ा दी है।
लगातार बढ़ते केसों को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला रैपिड रिस्पॉन्स टीमें (RRT) एक्शन में हैं और मरीजों की लगातार मॉनिटरिंग के साथ-साथ उनके कांटेक्ट ट्रेसिंग (संपर्क में आए लोगों की पहचान) में जुटी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पर्याप्त संख्या में आरटी-पीसीआर किट उपलब्ध हैं और अस्पतालों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां चाक-चौबंद की जा रही हैं।














