
इस्लामाबाद/काबुल: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच चुका है। रविवार की देर रात पाकिस्तानी सेना और वायुसेना (PAF) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार करते हुए अफगानिस्तान के अंदर घुसकर तीन अलग-अलग प्रांतों में भीषण संयुक्त एयरस्ट्राइक और जमीनी हमला किया है। पाकिस्तानी रक्षा सूत्रों का दावा है कि इस खुफिया ऑपरेशन में कम से कम 29 आतंकवादियों को मार गिराया गया है, जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों की सीमाओं पर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।
अमर उजाला को मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय और सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। पहले जमीनी बलों (Infantry) ने सीमा पर मोर्चा संभाला और फिर लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के अंदरूनी इलाकों में बम बरसाए।
पकतिया, पकतिका और कुनार में आधी रात को बरसीं मिसाइलें
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के पूर्वी छोर पर स्थित तीन प्रमुख प्रांतों—पकतिया, पकतिका और कुनार को अपना निशाना बनाया। आधी रात को हुए इस हमले से पूरा इलाका दहल उठा। गौरतलब है कि ये तीनों प्रांत पाकिस्तान की सीमा से सटे हुए हैं। इस्लामाबाद लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि इन इलाकों में पाकिस्तान विरोधी चरमपंथी गुटों ने अपने सुरक्षित ठिकाने बना रखे हैं, जहां से वे पाकिस्तानी सरजमीं पर आतंकी हमलों को अंजाम देते हैं।
कराची में रेंजर्स मुख्यालय पर हुए हमले का 24 घंटे में प्रतिशोध!
दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान की यह बड़ी सैन्य कार्रवाई कराची में स्थित ‘पाकिस्तान रेंजर्स’ (सिंध) के मुख्यालय पर हुए आत्मघाती हमले के ठीक अगले दिन हुई है। शनिवार को कराची में हुए उस भीषण हमले में 3 अर्धसैनिक जवानों सहित 6 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, पाकिस्तानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर कराची हमले और अफगानिस्तान में की गई इस एयरस्ट्राइक के बीच कोई सीधा संबंध होने की बात नहीं कही है, लेकिन रणनीतिक जानकार इसे सीधे तौर पर पाकिस्तान का पलटवार और प्रतिशोध मान रहे हैं।
पाक सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने दी आधिकारिक पुष्टि
इस बड़े मिलिट्री ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। तरार ने कहा,
“पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने पाक-अफगान सीमा पर पुख्ता खुफिया इनपुट के आधार पर यह सर्जिकल स्ट्राइक की है। यह कार्रवाई हाल के दिनों में खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में पाकिस्तान रेंजर्स कैंप पर हुए कायराना आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ जवाब है। इस हवाई ऑपरेशन का एकमात्र मकसद उन चरमपंथी ठिकानों को नेस्तनाबूद करना था, जो हमारी संप्रभुता के खिलाफ साजिश रच रहे थे।”
निशाने पर टीटीपी (TTP)? कराची हमले के पीछे था जिसका हाथ
कराची में शनिवार को रेंजर्स मुख्यालय पर हुए हमले की जिम्मेदारी भले ही तुरंत किसी संगठन ने नहीं ली थी, लेकिन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों की सुई लगातार ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) पर टिकी हुई थी। टीटीपी का इतिहास रहा है कि वह पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाता है। माना जा रहा है कि कल रात अफगानिस्तान के अंदर जिन ठिकानों को तबाह किया गया है, वे मुख्य रूप से टीटीपी और उसके सहयोगी गुटों के ही लॉन्च पैड थे।
तालिबान सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी दुनिया की नजरें
इस भीषण हमले के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें काबुल में बैठी अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर टिक गई हैं। पाकिस्तान के इस दावे के बीच कि उसने सिर्फ आतंकियों को मारा है, अफगानिस्तान इसे अपनी संप्रभुता (Sovereignty) पर सीधा हमला करार दे सकता है। पिछले कुछ महीनों से डूरंड लाइन (Durand Line) पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच लगातार गोलाबारी हो रही थी, लेकिन लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर किया गया यह हमला आने वाले दिनों में किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध की चिंगारी बन सकता है।














