अयोध्या महाघोटाला: राम मंदिर चंदा चोरी कांड में दो बड़े बैंक अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा, नोटों की गिनती में ऐसे गायब होते थे 2-3 लाख रुपये, एंटी करप्शन कोर्ट में आज पेशी!

अयोध्या: राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और चंदे में हुई करोड़ों की हेराफेरी का मामला अब सीधे बैंक के बड़े अधिकारियों के गले की फांस बनने जा रहा है। अयोध्या पुलिस इस महाघोटाले में पहले ही 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है, लेकिन अब जांच की आंच देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) तक पहुंच गई है। पुलिस अब बैंक के दो कर्मियों रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी में है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में इन दोनों बैंक कर्मियों के नामों का खुलासा कर पूरी साठगांठ का पर्दाफाश कर दिया है।

बैंक कर्मियों की नाक के नीचे होता था ‘गंदा खेल’, ऐसे गायब किए जाते थे लाखों रुपये

पुलिस सूत्रों से मिली बेहद चौंकाने वाली जानकारी के मुताबिक, एसबीआई अयोध्या धाम ब्रांच की तरफ से दान की रकम गिनने और उसे सुरक्षित बैंक में जमा कराने की पूरी जिम्मेदारी रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप की थी। पुलिस को पुख्ता शक है कि ये दोनों बैंक कर्मी भी चोरों के इस गिरोह में शामिल हो गए थे।

जब ये शातिर किसी दिन नोटों की गिनती के दौरान सीधे पैसे नहीं चुरा पाते थे, तो खेल बैंक के खाते में होता था। नोटों की गिनती के वक्त कुल रकम को ओरिजिनल अमाउंट से 2-3 लाख रुपये कम करके दिखाया जाता था। इसके बाद जब पैसा बैंक में जमा करने के लिए ले जाया जाता था, तो उसी दौरान रास्ते में या बैंक काउंटर पर चालाकी से 2-3 लाख रुपये कैश निकाल लिए जाते थे।

अब सीनियर अफसरों की बारी, रडार पर आए कई बड़े चेहरे

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद अयोध्या पुलिस अब रत्नेश, गगनदीप और उनके एक सीनियर अधिकारी को नोटिस भेजकर आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने वाली है। दरअसल, एसबीआई अयोध्या धाम ब्रांच के इन बैंक कर्मियों की सीधी निगरानी में ही आउटसोर्सिंग कर्मचारी मंदिर के चढ़ावे को गिनने और जमा करने का काम करते थे। ऐसे में इतनी बड़ी रकम का बार-बार गायब होना बिना आंतरिक मिलीभगत के मुमकिन नहीं था।

ट्रस्ट की सिफारिश पर रखे गए थे ‘खास’ लोग, टिन्नू यादव करता था पूरी सेटिंग

इस घोटाले की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नोट गिनने के इस संवेदनशील काम में लगे लोग कोई आम कर्मचारी नहीं थे। राम मंदिर ट्रस्ट की खास सिफारिश पर अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला और करुणेश पांडे को आउटसोर्सिंग कर्मचारी के तौर पर चढ़ावा गिनने के काम में तैनात किया गया था।

इन सभी की रोजाना की ड्यूटी लगाने का काम पूर्व बैंक कर्मी और गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव करते थे। वहीं, इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड टिन्नू यादव बैकस्टेज रहकर पूरी सेटिंग और रुपयों की देखरेख का जिम्मा संभालता था।

मोहर्रम की छुट्टी के बाद आज ‘एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट’ में होगी महा-सुनवाई

राम मंदिर चंदा चोरी के इस हाई-प्रोफाइल मामले में आज का दिन अदालती कार्यवाही के लिहाज से बेहद अहम है। गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों की आज एंटी करप्शन स्पेशल कोर्ट (Anti-Corruption Special Court) में पेशी होगी।

दरअसल, बीते शुक्रवार को मोहर्रम के चलते अदालत बंद थी, जिसके कारण आरोपियों को आनन-फानन में स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। लेकिन अब इस पूरे घोटाले का मुकदमा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) की गंभीर धाराओं के तहत इसी विशेष अदालत में चलेगा। चूंकि इस मामले में जनता के धन का गबन हुआ है और इसमें बैंक व आउटसोर्सिंग जैसे सरकारी तंत्र से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका पाई गई है, इसलिए कोर्ट आज इन आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठा सकती है।

 

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