बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में खाकी को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां पुलिस विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर (SI) पर एक महिला ने शादी और सरकारी नौकरी का झूठा झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण (दुष्कर्म) करने का संगीन आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने आरोपी दारोगा नरेश बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर लाइन हाजिर कर दिया है। इसके साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
बारादरी थाने में तैनाती के दौरान मददगार बनकर बढ़ाए थे संबंध
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि वर्तमान में बरेली के थाना सिरौली में तैनात उपनिरीक्षक नरेश बाबू की कुछ समय पहले बरेली के ही बारादरी थाने में तैनाती थी। पीड़िता ने एसएसपी को सौंपे अपने शिकायती पत्र में बताया कि बारादरी थाने में तैनाती के दौरान उसके एक पारिवारिक विवाद के सिलसिले में उसकी पहचान दारोगा नरेश बाबू से हुई थी। उस वक्त दारोगा पीड़ित महिला के मामले में अचानक बड़ा मददगार बनकर सामने आया और धीरे-धीरे उसका पूरा विश्वास जीत लिया।
शादीशुदा होने की बात छिपाकर किया दुष्कर्म, विरोध करने पर दिखाया रसूख
महिला का आरोप है कि दारोगा नरेश बाबू ने पहले उसे उसके पति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कराने और बाद में उसे एक अच्छी सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा दिया। इसके बाद आरोपी ने महिला से शादी करने का वादा करते हुए कई अलग-अलग स्थानों पर उसकी मर्जी के खिलाफ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता को बड़ा झटका तब लगा जब काफी समय बीतने के बाद उसे अचानक पता चला कि आरोपी दारोगा तो पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे भी हैं। जब पीड़िता ने इस धोखे का विरोध किया और आरोपी से दूरी बनाने की कोशिश की, तो दारोगा ने अपने पद और खाकी का रसूख दिखाना शुरू कर दिया।
मोटी रकम ऐंठी, शिकायत करने पर परिजनों के साथ मिलकर की मारपीट
संगीन आरोपों के मुताबिक, आरोपी सब-इंस्पेक्टर ने पुलिस विभाग का डर दिखाते हुए पीड़ित महिला और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। सिर्फ इतना ही नहीं, महिला का आरोप है कि आरोपी ने ब्लैकमेल और डरा-धमकाकर उससे कई बार में मोटी रकम भी ऐंठ ली। जब भी पीड़िता ने थाने में जाकर कानूनी शिकायत दर्ज कराने की बात कही, तो आरोपी दारोगा ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पीड़िता के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की और उसे ही किसी झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।
एसपी ग्रामीण अंशिका वर्मा को सौंपी गई जांच, महकमे में हड़कंप
मामले की संवेदनशीलता और पुलिस विभाग की छवि से जुड़ा होने के कारण एसएसपी अनुराग आर्य ने बकायदा एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस कड़े एक्शन की जानकारी साझा की है।
एसएसपी ने बताया कि उपनिरीक्षक नरेश बाबू को सस्पेंड करने के बाद पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और विस्तृत विभागीय जांच पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अंशिका वर्मा को सौंपी गई है। एसपी ग्रामीण इस पूरे मामले के सभी पहलुओं और साक्ष्यों की गहनता से जांच करेंगी। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ आगे की कड़ी विधिक (कानूनी) और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल एक दारोगा पर लगे इन गंभीर आरोपों के बाद से पूरे बरेली के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।







