वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान सूबे के लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को एक ऐतिहासिक सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने वाराणसी के बड़ा लालपुर स्थित पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल (TFC) में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का विधिवत शुभारंभ किया। आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षकों और उनके परिजनों को हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से 15 शिक्षकों को कैशलेस हेल्थ कार्ड सौंपकर इस पूरे प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत की।
नियमित शिक्षकों के साथ शिक्षामित्रों और रसोइयों को भी मिला ‘चिकित्सकीय कवच’
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार ने इसमें सामाजिक सुरक्षा और समानता का विशेष ध्यान रखा है। वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि इस योजना के दायरे में सिर्फ नियमित शिक्षक ही नहीं आएंगे, बल्कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षामित्र, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के स्टाफ और स्कूलों में भोजन बनाने वाले रसोइयों को भी इस सुरक्षा कवच में शामिल किया गया है। अब बीमारी के वक्त इन सभी परिवारों को इलाज के खर्च की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।
1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में पहुंची रकम
इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने केवल शिक्षकों को ही नहीं, बल्कि प्रदेश के करोड़ों छात्र-छात्राओं को भी बड़ी खुशखबरी दी। मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के जरिए राज्य के करीब 1.10 करोड़ छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे पैसे ट्रांसफर किए। यह राशि बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर और स्कूल बैग आदि खरीदने के लिए सीधे माता-पिता के खातों में भेजी गई है।
10 लाख संविदा कर्मियों की सुरक्षा के लिए SBI से हाथ मिलाएगी सरकार
शिक्षकों के कल्याण के लिए उठाए गए इस बड़े कदम के साथ ही सरकार एक और बड़ा समझौता करने जा रही है। प्रदेश के लगभग 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों को पुख्ता सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ एक एमओयू (MoU) साइन करेगी। इसके अलावा, शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले और राष्ट्रीय स्तर पर चयनित ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों’ के 12 कर्मठ प्रधानाचार्यों को भी मंच पर मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।








