मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। बहुचर्चित अमृता कुमारी दहेज हत्याकांड में मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक और बड़ी और हाई-प्रोफाइल कामयाबी हासिल की है। दरभंगा के जाले प्रखंड के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) मनोज कुमार की पत्नी अमृता कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने मंगलवार देर रात सीतामढ़ी जिले के सुरसंड थाना क्षेत्र में छापेमारी कर बीडीओ की कथित गर्लफ्रेंड और महिला दरोगा (SI) अन्नू कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में अब तक यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है।
सीतामढ़ी से दबोची गई लेडी सिंघम, मोबाइल और चैट खंगाल रही पुलिस
बेगूसराय जिला बल में तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) अन्नू कुमारी इस पूरे हत्याकांड में नामजद अभियुक्त थी। मृतका के मायके वालों ने दर्ज प्राथमिकी में उसे मुख्य साजिशकर्ता और प्रताड़ित करने का आरोपी बनाया था। पुलिस के अनुसार, उसके पैतृक आवास सीतामढ़ी से गिरफ्तारी के बाद महिला दरोगा से मिठनपुरा थाने में लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने दरोगा अन्नू कुमारी के मोबाइल फोन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। अब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की मदद से उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि बीडीओ मनोज कुमार और उसके बीच के अवैध संबंधों व घटना की रात हुई बातचीत का सच सामने आ सके।
3 जुलाई को संदिग्ध हालात में हुई थी मौत, 10 लाख दहेज का आरोप
गौरतलब है कि मिठनपुरा थाना क्षेत्र में रहने वाले जाले बीडीओ मनोज कुमार की पत्नी अमृता की बीती 3 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद बीडीओ मनोज कुमार ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन मृतका के भाई राजकुमार ने सीधे तौर पर दहेज और अवैध संबंधों के कारण हत्या का आरोप लगाया। भाई राजकुमार ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही 10 लाख रुपये कैश की मांग को लेकर अमृता को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। बीडीओ का महिला दरोगा से प्रेम प्रसंग था और इसी राह के कांटे को हटाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया।
मृतका के लापता मोबाइल की तलाश, छिपे हैं कई राज
पुलिस अब मृतका अमृता कुमारी के उस लापता मोबाइल फोन की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जो घटना के बाद से गायब है। परिजनों का दावा है कि उसी मोबाइल में बीडीओ और महिला दरोगा द्वारा दी जा रही प्रताड़ना, दहेज की मांग और दोनों के प्रेम प्रसंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण और अकाट्य डिजिटल सबूत मौजूद हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को कड़ी से कड़ी जोड़कर पूरे मामले की वैज्ञानिक जांच में जुटी हुई है।
सिटी एसपी ने की पुष्टि, मुख्य आरोपी बीडीओ पहले ही जा चुका है जेल
मुजफ्फरपुर के सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतका अमृता के भाई के आवेदन पर प्रताड़ना और दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी जाले बीडीओ मनोज कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान बीडीओ की प्रेमिका महिला दरोगा अन्नू कुमारी द्वारा अमृता को टॉर्चर किए जाने के पुख्ता प्रमाण मिले, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ससुराल पक्ष के अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।












