कानपुर: बेटी के सम्मान में एयरगन उठाने वाले पिता पर पुलिस का बड़ा यू-टर्न, मनचले किशोर को ‘मानसिक बीमार’ बताने वाले पर्चों की खुलेगी पोल !

कानपुर: मासूम और नाजुक उम्र के दौर से गुजरती एक बिटिया की जिंदगी को नरक बनाने वाले मनचले किशोर और उसके रसूखदार परिवार के खिलाफ अब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। घर की ड्योढ़ी से कदम बाहर रखते ही छेड़छाड़ के खौफ से कांपने वाली बिटिया के सम्मान में जब पिता ने आवाज उठाई, तो उलटे पिता पर ही केस दर्ज कर दिया गया था। लेकिन बुधवार को इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले मोड़ सामने आए हैं, जिसने पुलिसिया थ्योरी और आरोपी पक्ष के दावों की हवा निकाल दी है।

अवैध असलहा नहीं, पिता ने दिखाई थी सिर्फ एयरगन

मामले के मुताबिक, जब पीड़ित बिटिया ने अपने पिता को मनचले की रोज-रोज की गंदी हरकतों की आपबीती बताई, तो पिता ने पड़ोसी परिवार से इसकी कड़ी शिकायत की थी। इसके बावजूद आरोपी के परिजनों ने अपने बेटे की हरकत पर काबू नहीं पाया। थक-हारकर परेशान पिता ने एक पिस्तौलनुमा हथियार दिखाकर आरोपी के परिवार को डराया था, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पिता पर ही जानलेवा हमले का केस दर्ज कर दिया और पिता भूमिगत हो गए।

बुधवार को पुलिस ने उस हथियार को बरामद कर लिया है। जांच में सामने आया है कि वह कोई अवैध तमंचा या पिस्टल नहीं, बल्कि एक साधारण ‘एयरगन’ है। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्रनाथ चौधरी ने साफ किया कि यदि फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में इसके एयरगन होने की पुष्टि होती है, तो पीड़ित पिता के ऊपर से हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं हटा दी जाएंगी और केवल धमकाने के साधारण मामले में विवेचना होगी।

वीडियो वायरल हुआ तो बेटे को बताया ‘पागल’, रिश्तेदारों के घर छुपाया

दूसरी ओर, हरकतबाज किशोर की हद दर्जे की अश्लीलता और गंदी हरकतों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपी परिवार में हड़कंप मच गया है। खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए परिजनों ने आनन-फानन में किशोर को किसी अज्ञात रिश्तेदार के घर भेज दिया है और अब उसे ‘मानसिक रूप से बीमार’ साबित करने की कोशिश में जुट गए हैं।

परिजनों ने बचाव में उरई जिला चिकित्सालय समेत कानपुर के नामचीन मनोरोग विशेषज्ञों—डॉ. विवेक कुमार, डॉ. रुचि चौरसिया मित्रा और डॉ. उन्नति कुमार के तीन साल पुराने मेडिकल पर्चे पुलिस को सौंपे हैं। इन पर्चों में किशोर को अनुशासनहीन, गुस्सैल और मानसिक संतुलन खोने वाला बताया गया है। हालांकि, मोहल्ले वालों का आरोप है कि किशोर का परिवार शुरू से ही बदतमीज है और पहले भी जब किसी ने शिकायत की, तो ये लोग डॉक्टरों के पर्चे दिखाने और झगड़ा करने पर आमादा हो जाते थे।

डॉक्टर्स और सहपाठियों से सच जानेगी पुलिस, जल्द दाखिल होगी चार्जशीट

किशोर के इस ‘मानसिक बीमारी’ वाले पैंतरे और मेडिकल दावों को पुलिस ने आंख मूंदकर स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। कानपुर की दक्षिण जोन पुलिस ने अब इन मेडिकल पर्चों की असलियत जानने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम पर्चे जारी करने वाले सभी संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ करेगी। इसके साथ ही, आरोपी किशोर जिस ‘दुर्गा प्रसाद स्कूल’ में पढ़ता है, वहां जाकर उसके सहपाठियों (Classmates) और शिक्षकों से उसकी आदतों और हरकतों के बारे में सच उगलाएगी।

डीसीपी-दक्षिण दीपेंद्रनाथ चौधरी ने मीडिया को बताया कि इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से बीते 25 जून को ही पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस की विवेचना अब अपने अंतिम चरण में है। विधिक और कानूनी राय लेने के बाद बेहद जल्द आरोपी किशोर के खिलाफ अदालत में पुख्ता आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर उसे सजा दिलाई जाएगी।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment