कानपुर में ‘अवैध’ मोहब्बत का खौफनाक अंत: घंटाघर के सूर्या होटल में प्रेमी युगल ने खाया सल्फास, 4 घंटे पहले मुस्कुराते हुए किया था चेक-इन

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्त इलाके घंटाघर स्थित सूर्या होटल के एक कमरे में शनिवार की शाम एक प्रेमी युगल ने सल्फास खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। दुनिया की नजरों में यह रिश्ता भले ही अवैध था, लेकिन दोनों एक-दूसरे के बिना जीने को तैयार नहीं थे। दोनों पहले से शादीशुदा थे, इसके बावजूद उन्होंने समाज की पाबंदियों से तंग आकर मौत को गले लगाने का आत्मघाती कदम उठा लिया। होटल के कमरे का दरवाजा तोड़कर जब पुलिस अंदर दाखिल हुई, तो फर्श पर दोनों के शव पड़े मिले।

मुस्कुराते हुए आए थे होटल, फिर चीख-पुकार के बाद छा गया सन्नाटा

सूर्या होटल के सीसीटीवी फुटेज और गेस्ट रजिस्टर के मुताबिक, शनिवार दोपहर ठीक 12 बजे यह प्रेमी युगल बेहद खुश और हंसते-खिलखिलाते हुए होटल पहुंचा था। रजिस्टर में युवक ने अपनी पहचान दिग्विजय सिंह (निवासी फतेहपुर) और महिला ने शिवांगी तिवारी (निवासी उन्नाव) के रूप में दर्ज कराई थी। होटल कर्मियों ने बताया कि दोपहर साढ़े तीन बजे तक कमरे से सब कुछ सामान्य था।

लेकिन ठीक 4 बजे अचानक कमरे के अंदर से दोनों के आपस में जोर-जोर से झगड़ने की आवाजें आने लगीं और कुछ ही मिनटों बाद वहां पूरी तरह सन्नाटा पसर गया। अनहोनी की आशंका होने पर जब होटल कर्मी ने दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद होटल प्रबंधन ने तुरंत कलक्टरगंज थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस की मौजूदगी में जब कमरे का दरवाजा कटर से काटा और तोड़ा गया, तो सामने फर्श पर दोनों बेसुध पड़े थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर्स ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। कमरे से सल्फास की डिब्बी बरामद हुई है।

दो बच्चों की मां थी प्रेमिका, सहेली से मिलने का बहाना बनाकर निकली थी घर से

इस खौफनाक सुसाइड के बाद जब पुलिस ने दोनों के पास मिले मोबाइल फोन के जरिए परिजनों को सूचना दी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मृतका शिवांगी तिवारी के पिता राजेंद्र शुक्ला (निवासी पुरवा, उन्नाव) ने बताया कि उन्होंने करीब 15 साल पहले अपनी बेटी की शादी उन्नाव के अतरनपुर निवासी धीरू तिवारी से की थी। 38 वर्षीय शिवांगी दो बच्चों (13 साल का बेटा और 9 साल की बेटी) की मां थी।

शनिवार की सुबह करीब 11 बजे शिवांगी ने अपने परिवार से झूठ बोला था कि उसकी एक सहेली की मां अस्पताल में भर्ती हैं और वह उन्हें देखने जा रही है। पिता ने साफ तौर पर कहा कि वे दिग्विजय नाम के किसी भी युवक को नहीं जानते और न ही उन्हें बेटी के किसी प्रेम-प्रसंग की भनक थी।

ट्रेन के सफर में शुरू हुई थी अधूरी प्रेम कहानी

वहीं, मृतक प्रेमी दिग्विजय सिंह के पिता वीरबहादुर सिंह (निवासी रमुआ, फतेहपुर) ने बताया कि उनका बेटा भी शादीशुदा था और प्रयागराज में रेलवे में संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर कोच अटेंडेंट के पद पर नौकरी करता था। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद दिग्विजय के दोस्तों और परिचितों के बीच चर्चा थी कि कुछ समय पहले ट्रेन में सफर के दौरान ही शिवांगी और दिग्विजय की पहली मुलाकात हुई थी।

सफर के दौरान दिग्विजय ने शिवांगी की कुछ मदद की थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और यह दोस्ती धीरे-धीरे गहरे प्यार में बदल गई। चूंकि दोनों शादीशुदा थे और समाज व परिवार के डर से उनका एक होना मुमकिन नहीं था, इसलिए माना जा रहा है कि इसी हताशा में उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।

पुलिस का क्या कहना है?

“प्रारंभिक जांच और मौके के हालात को देखकर साफ है कि दोनों की मौत सल्फास खाने की वजह से हुई है। आत्महत्या करने वाले युवक और महिला दोनों पहले से ही शादीशुदा थे। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर (शादीशुदा जिंदगी से इतर प्रेम संबंध) और सामाजिक दबाव से जुड़ा नजर आ रहा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।” — सत्यजीत गुप्ता, डीसीपी-पूर्वी, कानपुर

 

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment