नई दिल्ली। सनातन धर्म में श्रावण (सावन) का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र और फलदायी माना जाता है। इस पूरे महीने में शिवभक्त महादेव को प्रसन्न करने के लिए जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना और सोमवार के व्रत रखते हैं। मान्यता है कि सावन में सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान से की गई शिव उपासना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इसके साथ ही दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है और अविवाहित लोगों को मनचाहा जीवनसाथी मिलने का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि, शास्त्रों के अनुसार सावन व्रत केवल अन्न त्यागने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दौरान कुछ धार्मिक नियमों का पालन करना भी अनिवार्य है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में सावन कब से शुरू हो रहा है, सोमवार व्रतों की सही तिथियां और पूजा के नियम।
सावन 2026 कब से होगा शुरू? (Sawan 2026 Start Date)
वर्ष 2026 में श्रावण मास का शुभारंभ 30 जुलाई (गुरुवार) से होने जा रहा है। इस बार सावन महीने में कुल 4 सोमवार व्रत पड़ेंगे।
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पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
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दूसरा सावन सोमवार: 10 अगस्त 2026
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तीसरा सावन सोमवार: 17 अगस्त 2026
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चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
सावन में रखें इन 5 महत्वपूर्ण बातों का ध्यान
1. विधि-विधान से करें शिवलिंग का पंचामृत अभिषेक
सावन के हर दिन या सोमवार को प्रातः स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान शिव की पूजा करें। शिवलिंग पर गंगाजल, शुद्ध जल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर मिलाकर पंचामृत से अभिषेक करें। अभिषेक के बाद चंदन और पुष्प अर्पित कर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का निरंतर जाप करें।
2. आहार में केवल सात्विक चीजों का ही करें प्रयोग
सावन व्रत और पूरे महीने में सात्विक आहार ग्रहण करना सबसे उत्तम माना गया है। फलाहार के दौरान केवल सेंधा नमक का उपयोग करें। इस पवित्र महीने में लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा और अन्य तामसिक भोज्य पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
3. महादेव को अर्पित करें उनकी प्रिय वस्तुएं
शिवलिंग की पूजा में बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद चंदन, आक के फूल और शमी पत्र का विशेष महत्व है। यदि आप श्रद्धापूर्वक ये वस्तुएं शिवलिंग पर चढ़ाते हैं, तो भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होकर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं।
4. सुबह के साथ प्रदोष काल में भी करें आरती
सावन में सुबह की पूजा के साथ-साथ संध्या समय (प्रदोष काल) की पूजा का भी बड़ा महत्व है। शाम के समय घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर शिव आरती, शिव चालीसा का पाठ और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
5. मन और व्यवहार में बनाए रखें पवित्रता
सावन के दौरान खानपान के साथ-साथ अपने विचारों में भी शुद्धता रखना बेहद जरूरी है। इस पूरे महीने क्रोध, असत्य बोलने, छल-कपट और किसी का अपमान करने से बचें। जो साधक संयम और विनम्रता के साथ व्रत रखता है, महादेव उसके जीवन से सभी कष्टों को हर लेते हैं।














