नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित सेक्टर-82 की केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में लोकसभा सचिवालय के एक निदेशक (Director) स्तर के अधिकारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक अधिकारी की पहचान 40 वर्षीय गौरव गौतम के रूप में हुई है। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब उनकी पत्नी मायके से वापस लौटीं। पुलिस को मौके से 15 पन्नों का एक भावुक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने 70 लाख रुपये के भारी-भरकम कर्ज और मानसिक तनाव को इस खौफनाक कदम की वजह बताया है।
मायके से वापस लौटी पत्नी, नहीं खुला दरवाजा
घटना के समय गौरव गौतम घर में अकेले थे और उनकी पत्नी किसी काम से अपने मायके गई हुई थीं। जब वह वापस घर पहुंचीं, तो उन्होंने कई बार फ्लैट की डोरबेल बजाई और गौरव के मोबाइल पर फोन भी किया। काफी देर तक अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड्स को बुलाया।
पंखे से लटका मिला शव, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
सुरक्षा गार्ड की मदद से जब फ्लैट का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। गौरव गौतम कमरे में पंखे के सहारे फंदे पर लटके हुए थे। परिजन आनन-फानन में उन्हें पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना फेस-2 पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।
15 पन्नों के सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी और कर्ज का जिक्र
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फ्लैट की तलाशी ली, जहां से 15 पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में मृतक ने अपनी मौत के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। उन्होंने लिखा कि लगातार बढ़ते खर्चों और आर्थिक दबाव के कारण उन पर करीब 70 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। इसी भारी आर्थिक बोझ और तनाव के चलते वह यह कदम उठा रहे हैं।
‘न अच्छा पति बन सका, न अच्छा पिता’
सुसाइड नोट में गौरव गौतम का दर्द छलका। उन्होंने लिखा कि वह एक अच्छे पति और अच्छे पिता साबित नहीं हो सके, जिसका उन्हें हमेशा मलाल रहेगा। उनका एक 8 साल का इकलौता बेटा भी है। इस भावुक संदेश को पढ़कर परिजनों और पुलिस अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं।
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस और फोरेंसिक टीम
थाना फेस-2 प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मामला पूरी तरह से आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अधिकारी पर इतना बड़ा कर्ज किन परिस्थितियों में हुआ और क्या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी थी। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की ओर से फिलहाल कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










