गोरखपुर में 1.67 करोड़ की बैंक जालसाजी: स्टेशन अधीक्षक और बेटी गिरफ्तार, डायरी में लिखी थी अमीर बनने की सनक

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से जालसाजी और ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एम्स थाना क्षेत्र की महादेव झारखंडी कॉलोनी में रहने वाले रेलवे स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह ने शातिराना अंदाज में 1.67 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी को अंजाम दिया। साथी रेलकर्मी की तहरीर पर एम्स थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता-पुत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कार लोन चुकता करने और पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर 6 अलग-अलग प्रमुख बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन पास कराया और पूरी रकम हड़प ली।

डायरी में कैद अमीर बनने की सनक: ‘मैं अरबों रुपये की मालकिन हूं’

पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी के दौरान गरिमा सिंह के पास से एक व्यक्तिगत डायरी बरामद हुई है, जिसके पन्नों में उसकी बेशुमार दौलत पाने की गहरी सनक दर्ज थी। डायरी में गरिमा ने खुद को बेहद अमीर बताते हुए लिखा था कि वह अरबों रुपये की मालकिन है और उसके पास कई लग्जरी गाड़ियां मौजूद हैं। इतना ही नहीं, अपनी इन कल्पनाओं और अमीर बनने की चाहत के लिए उसने पन्नों पर भगवान का शुक्रिया अदा भी कर रखा था। पुलिस इस डायरी को मामले में एक अहम मनोवैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य मान रही है।

6 प्रमुख बैंकों से निकाला 1.67 करोड़ का पर्सनल लोन, ऐसे दिया वारदात को अंजाम

पीड़ित रेलकर्मी सत्य प्रकाश सिंह के अनुसार, स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह ने कार लोन चुकता कराने का भरोसा दिलाकर उन्हें अपनी बेटी गरिमा से मिलवाया था। इसके बाद गरिमा ने सत्य प्रकाश के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर HDFC, SBI, YES, ICICI, SNFG और बंधन बैंक से पर्सनल लोन स्वीकृत करा लिया। जालसाजों ने 1.67 करोड़ की कुल लोन राशि में से केवल 10 लाख रुपये सत्य प्रकाश के खाते में डाले और शुरुआती 3 महीनों तक ईएमआई भरी। इसके बाद किश्तें जमा करना बंद कर दिया, जिससे पीड़ित पर बैंकों का भारी कर्ज चढ़ गया।

गिरोह में कई अन्य सहयोगी भी शामिल, एसपी सिटी ने दिए जांच के निर्देश

एम्स थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर गरिमा सिंह, उनके पिता ध्रुव नारायण सिंह, पति भानु प्रताप सिंह सहित सहयोगी विशाल, राजेंद्र, चंद्र प्रकाश, दिनकर मनी और संजय के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एसपी सिटी निमेष पाटिल ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्री को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस को गिरोह से ठगे गए कुछ अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं। फिलहाल पुलिस गिरोह के बाकी फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है और मामले की विस्तृत जांच कर रही है। 

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