नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक विनोद सिंह पर एक महिला ने बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि विधायक ने उसकी 10 साल की बेटी का सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) कराने और पूरे परिवार पर एसिड फेंकने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आपबीती सुनाई और आरोप लगाया कि पुलिस व प्रशासन विधायक के दबाव में कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
दूसरी ओर, भाजपा विधायक विनोद सिंह ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपने खिलाफ रची गई बड़ी साजिश और चरित्र हनन की कोशिश करार दिया है। विधायक का कहना है कि महिला और उसके पति पर करोड़ों के फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज है, जिससे बचने के लिए यह अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
10 साल की बेटी का सामूहिक दुष्कर्म कराने की दी धमकी, फिर किया हमला: पीड़ित महिला
पीड़िता ने दिल्ली में मीडिया के सामने रोते हुए बताया कि उनका परिवार और विधायक लखनऊ के हजरतगंज स्थित एक ही अपार्टमेंट में रहते थे। महिला का आरोप है कि विधायक का गनर धनंजय यादव लगातार उन्हें विधायक के पास जाने के लिए दबाव बनाता था और बात न मानने पर उनकी 10 साल की मासूम बेटी का सामूहिक दुष्कर्म कराने की धमकी देता था।
महिला के अनुसार, 3 जून की रात जब वह डर के मारे विधायक के फ्लैट पर पहुंचीं, तो विधायक शराब के नशे में धुत थे। उन्होंने महिला के साथ अभद्रता करते हुए दुष्कर्म की कोशिश की और कपड़े फाड़ दिए। किसी तरह धक्का देकर महिला ने खुद को बचाया। पीड़िता का दावा है कि इसके बाद विधायक ने उन्हें, उनके पति और बच्चों को जान से मारने तथा चेहरे पर एसिड फेंकने की धमकियां दीं और 12-15 गुंडों को उनके पीछे लगा दिया।
‘थाने से कोर्ट तक चक्कर काटे, लेकिन नहीं हुई FIR’
पीड़िता ने आरोप लगाया कि वारदात के बाद वे हजरतगंज थाने गईं, लेकिन पुलिस ने शिकायत लेकर रख ली और कोई रिसीविंग नहीं दी। महिला आयोग और कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के बावजूद सत्ता के दबाव में कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने आरोप लगाया कि विधायक के जीजा डीजी (DG) पद पर हैं और एक सर्विलांस प्रभारी के जरिए लगातार उनकी लोकेशन ट्रेस करवाकर विधायक को दी जा रही है।
महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी जान को खतरा है, बच्चों की पढ़ाई और इलाज छूट गया है। उन्होंने विधायक विनोद सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।

विधायक विनोद सिंह की सफाई: ‘फर्जी NOC और 420 की FIR से घबराकर लगाया झूठा आरोप’
आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा विधायक विनोद सिंह ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सभी दावों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। विधायक का कहना है कि महिला का पति खुद को पीएमओ (PMO) से जुड़ा बताकर और अपने भाई को IAS अधिकारी बताकर जालसाजी कर रहा था।
विधायक के मुताबिक:
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महिला के पति ने सीडब्ल्यूसी (CWC) का वेयरहाउस और एफसीआई (FCI) गोदाम दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज और लेटरहेड थमा दिए।
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जब दिल्ली स्थित सीडब्ल्यूसी कार्यालय से जांच कराई गई तो एनओसी (NOC) पूरी तरह फर्जी पाई गई।
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फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर हजरतगंज थाने में महिला और उसके पति के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC 420) का मुकदमा दर्ज कराया गया।
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आरोपी पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
विधायक विनोद सिंह ने कहा कि गिरफ्तारी से बचने और ब्लैकमेल करने की नीयत से महिला को आगे करके यह मनगढ़ंत कहानी रची गई है। उन्होंने कहा, “मुझे देश की न्यायप्रणाली और अदालत पर पूरा भरोसा है। निष्पक्ष जांच में सारा दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”











