WCL 3: पाकिस्तान चैंपियंस का वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स से पत्ता कटा, PCB की एनओसी विवाद के चलते बड़ा फैसला

वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के तीसरे सीजन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इस रोमांचक टूर्नामेंट में अब पाकिस्तान की टीम का खेलना संभव नहीं हो सका है। पाकिस्तान चैंपियंस ने आगामी टूर्नामेंट से अपना आधिकारिक तौर पर नाम वापस ले लिया है। इस बड़े घटनाक्रम के पीछे मुख्य वजह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और टीम के खिलाड़ियों को मिलने वाली अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी का मामला बताया जा रहा है। बोर्ड के इस कड़े रुख के बाद लीजेंड्स क्रिकेट के गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

एनओसी के पेंच में फंसी पाकिस्तान टीम

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को टूर्नामेंट के लिए एनओसी देने से साफ इनकार कर दिया था और वह अपने इस फैसले पर पूरी तरह अडिग रहा। बोर्ड के रुख में कोई नरमी न आने के कारण टीम के पास प्रतियोगिता से हटने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। स्थिति को संभालने के लिए टीम के मालिक कामिल खान ने पीसीबी के अधिकारियों के साथ इस मसले पर लंबी बातचीत भी की थी। उन्होंने बोर्ड से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का विशेष अनुरोध किया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इस विवाद का कोई सकारात्मक हल नहीं निकल पाया।

शाहिद अफरीदी समेत कई दिग्गज खिलाड़ी हुए बाहर

इस बड़े फैसले का असर केवल एक टीम की भागीदारी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा नुकसान टूर्नामेंट के रोमांच को भी हुआ है। पाकिस्तान के कई नामचीन और बड़े पूर्व क्रिकेटर अब इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। टीम के कप्तान और विस्फोटक ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जो अब मैदान पर जलवा नहीं बिखेर पाएंगे। खिलाड़ियों की इस गैरमौजूदगी की झलक हाल ही में टूर्नामेंट की ट्रॉफी के अनावरण कार्यक्रम के दौरान भी साफ तौर पर देखने को मिली, जहां पाकिस्तान खेमे से कोई भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था।

पिछले सीजन के विवाद से जुड़ी है पूरी कहानी

इस पूरे घटनाक्रम के तार सीधे तौर पर पिछले सीजन के उस विवाद से जुड़े हैं, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। WCL के दूसरे सीजन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। उस समय भारतीय खिलाड़ियों ने सुरक्षा और राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से साफ इनकार कर दिया था। बात सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके बाद भारतीय टीम सेमीफाइनल मुकाबले से भी हट गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने लीग के आयोजकों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की थी।

पुरानी बेइज्जती और पीसीबी की सख्त नाराजगी

समय बीतने के साथ वह पुराना विवाद भले ही टूर्नामेंट के समापन के बाद पीछे छूट गया हो, लेकिन उसकी कड़वाहट और उसका असर आज भी पूरी तरह से कायम है। तीसरे सीजन में पाकिस्तान चैंपियंस की यह गैरमौजूदगी उसी पुराने घटनाक्रम की अगली और एक बड़ी कड़ी साबित हुई है। पिछले सीजन में हुई किरकिरी और बेइज्जती को ध्यान में रखते हुए ही पीसीबी ने इस बार अपने खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति देने से दोटूक मना कर दिया है। बोर्ड का यह कड़ा रवैया बताता है कि पुरानी बातें अभी भूली नहीं गई हैं।

मैदान पर उतरने से पहले ही बाहर हुई टीम

पाकिस्तान चैंपियंस फ्रेंचाइजी ने पीसीबी के इस फैसले का सम्मान करने की बात कही है, लेकिन साथ ही अपने स्टार खिलाड़ियों के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में नहीं खेल पाने पर गहरी निराशा भी जताई है। इस प्रकार मैदान पर भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले की चर्चा शुरू होने से पहले ही एक बड़ा नाम इस टूर्नामेंट से हमेशा के लिए बाहर हो चुका है। इस पुराने विवाद ने एक बार फिर लीजेंड्स क्रिकेट को दुनिया भर की सुर्खियों में ला दिया है और फैंस अब बिना पाकिस्तान के ही इस टूर्नामेंट के आगाज का इंतजार कर रहे हैं।

 

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