नई दिल्ली। बांग्लादेश में अगस्त 2024 में हुए तख्तापलट के दो साल बाद, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके बेटे साजीब वाजेद जॉय ने बड़ा राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी बयान जारी किया है। नई दिल्ली में ‘फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ (FCC) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में साजीब वाजेद ने आगाह किया कि बांग्लादेश अब भारत के लिए पूर्वी मोर्चे पर “एक नया पाकिस्तान” बन चुका है। वहीं, 5 अगस्त 2026 को अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हुईं शेख हसीना ने घोषणा की कि वे इस साल दिसंबर (2026) में हर हाल में बांग्लादेश लौटेंगी।
“बांग्लादेश में ISI को खुली छूट, भारत के पूर्वी मोर्चे पर बढ़ा खतरा”
साजीब वाजेद जॉय ने भारत की सुरक्षा पर मंडराते खतरों की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति नई दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में विदेशी खुफिया एजेंसियों, विशेषकर पाकिस्तान की ISI को पूरी छूट मिल गई है। वाजेद ने चेतावनी दी, “अगर इस स्थिति को अभी नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में दुनियाभर में पनपने वाले आतंकवाद का नया केंद्र बांग्लादेश ही बनेगा।”
शेख हसीना का खुलासा: “2024 का आंदोलन अचानक नहीं, तख्तापलट का मास्टरमाइंड पर्दे के पीछे था”
सत्ता गंवाने के ठीक दो साल बाद 5 अगस्त 2026 को शेख हसीना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पहली बार अपना सार्वजनिक बयान जारी किया। सुरक्षा कारणों से उनका कैमरा बंद था और केवल उनकी आवाज सुनाई दे रही थी। 25 मिनट के संबोधन में हसीना ने कहा कि जुलाई-अगस्त 2024 में शुरुआत में छात्र प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और उनकी सरकार बातचीत के लिए तैयार थी, लेकिन बाद में कुछ संगठित समूहों ने हिंसा फैलाई।
मुहम्मद यूनुस के बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा:
“खुद यूनुस ने स्वीकार किया था कि यह आंदोलन बहुत सोच-समझकर तैयार किया गया था और इसका एक ‘मास्टरमाइंड’ था। यह छात्रों का स्वतःस्फूर्त विरोध नहीं था, बल्कि बैलेट बॉक्स के बाहर से सत्ता हथियाने की एक सोची-समझी साजिश थी।”
“19 बार हत्या की कोशिश हुई, फिर भी दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटूंगी”
अपने भाषण में भावुक हुईं शेख हसीना ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार उन्हें झूठे मुकदमों, दिखावटी सुनवाई या मौत की सजा की धमकियों से डरा नहीं सकती। उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी में 19 बार उनकी हत्या के प्रयास किए जा चुके हैं।
हसीना ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश के लोगों ने बेहद डर और खौफ का माहौल झेला है। इस डर को खत्म करने के लिए वे दिसंबर 2026 में बांग्लादेश वापस लौटेंगी, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न गंवानी पड़े।
5 अगस्त 2024 को छोड़ना पड़ा था देश
उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में छात्रों के उग्र हिंसक प्रदर्शनों और तख्तापलट के बाद शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर ढाका से भारत शरण लेनी पड़ी थी। वे तभी से भारत में सुरक्षित स्थान पर रह रही हैं।














