नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र का 17वां दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन में जारी गतिरोध को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। हंगामे के बीच जहां लोकसभा की कार्यवाही ठप है, वहीं राज्यसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा जारी है।
अमित शाह पेश करेंगे दो महत्वपूर्ण विधेयक
गतिरोध के बावजूद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लोकसभा में दो महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को अंजाम देने की तैयारी में हैं:
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केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026: इस विधेयक के माध्यम से केरल राज्य के नाम में आधिकारिक परिवर्तन की प्रक्रिया को सदन में रखा जाएगा।
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राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 में संशोधन के लिए लाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र के विकास को और अधिक प्रभावी बनाना है।
लोकसभा अध्यक्ष की अपील का बेअसर हंगामा
सदन के भीतर लगातार हो रहे शोर-शराबे और विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित करना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा के खिलाफ है और जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए सदन का चलना आवश्यक है। हालांकि, अध्यक्ष की अपीलों के बावजूद हंगामा नहीं थमा, जिसके परिणामस्वरूप सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
सोमवार को पेश किए गए थे चार अहम विधेयक
उल्लेखनीय है कि हंगामे के बावजूद सोमवार (10 अगस्त) को लोकसभा में चार बड़े विधेयकों को पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इनमें शामिल हैं:
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न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026
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खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026
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केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026
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राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026
अब सभी की नजरें दोपहर 2 बजे होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या सरकार हंगामे के बीच अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने में सफल हो पाती है या नहीं।










