
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान के राजकीय दौरे के दूसरे दिन ताशकंद में राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान उज्बेकिस्तान की आजादी की 35वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ ऑर्डर से सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान स्वीकार करते हुए कहा कि ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ ऑर्डर प्राप्त करना उनके लिए बेहद सम्मान की बात है। उन्होंने इस सम्मान को दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों और आपसी विश्वास का प्रतीक बताया।
रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर
राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ बैठक में भारत और उज्बेकिस्तान के संबंधों को और व्यापक बनाने पर चर्चा हुई। इस वर्ष दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को आगे बढ़ाते हुए संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया।
बैठक में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, पर्यटन, शहरों के विकास और द्विपक्षीय समन्वय समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
विदेश मंत्रियों के स्तर पर बनेगी कोऑर्डिनेशन काउंसिल
दोनों देशों के बीच नियमित संवाद और आपसी तालमेल को मजबूत करने के लिए विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक विशेष ‘कोऑर्डिनेशन काउंसिल’ गठित करने का फैसला लिया गया है। इसके जरिए विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा और नए क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बिजनेस समिट से व्यापारिक रिश्तों को मिलेगी रफ्तार
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच कारोबारी संबंधों को और मजबूत करने के लिए संयुक्त बिजनेस समिट आयोजित करने पर भी सहमति बनी है। इसमें दोनों देशों के प्रमुख कारोबारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने कहा कि भारत उनके देश का एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया।
भारत को यूरेनियम की निर्बाध सप्लाई पर समझौता
ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है। भारत को यूरेनियम की नियमित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दोनों पक्षों के बीच दीर्घकालिक व्यवस्था तैयार करने पर सहमति बनी है।
यह कदम भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन नए सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौते
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच स्थानीय स्तर पर संपर्क और सहयोग बढ़ाने के लिए तीन नए ‘सिस्टर-सिटी’ और ‘सिस्टर-स्टेट’ समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। इनके जरिए दोनों देशों के शहरों और राज्यों के बीच अनुभव, तकनीक और विकास से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का रास्ता खुलेगा।
न्यू ताशकंद और गिफ्ट सिटी के बीच तकनीकी सहयोग
बैठक में उज्बेकिस्तान के ‘न्यू ताशकंद’ प्रोजेक्ट और गुजरात स्थित भारत के ‘गिफ्ट सिटी’ के बीच विकास और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों परियोजनाओं के अनुभवों को साझा करने से शहरी विकास, वित्तीय सेवाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
30 दिनों की वीजा-मुक्त यात्रा से बढ़ेगा पर्यटन
उज्बेकिस्तान ने भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिनों की वीजा-मुक्त यात्रा सुविधा शुरू की है। इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन, कारोबार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हर सप्ताह करीब 14 सीधी उड़ानों का संचालन हो रहा है। वीजा-मुक्त यात्रा और बेहतर हवाई संपर्क से दोनों देशों के नागरिकों के बीच आवाजाही और मजबूत होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान हुए इन फैसलों से भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, पर्यटन और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।














