
संगम नगरी प्रयागराज में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। पिछले 24 घंटों के दौरान गंगा और यमुना नदी के जलस्तर में 1 मीटर (लगभग 100 सेंटीमीटर) तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदियों के अचानक उफान पर आने से तटीय इलाकों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि फिलहाल शहर के सभी प्रमुख तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
यमुना में 103 सेमी का उछाल, नैनी में 80.68 मीटर पहुंचा जलस्तर
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, यमुना नदी के जलस्तर में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। नैनी क्षेत्र में यमुना का जलस्तर बढ़कर 80.68 मीटर पहुंच गया है, जिसमें बीते 24 घंटे में 103 सेंटीमीटर का बड़ा उछाल आया है। इस दौरान नैनी और आसपास के कैचमेंट एरिया में 60 मिलीमीटर तक की तेज बारिश भी दर्ज की गई है, जिससे नदी का बहाव और तेज हो गया है।
छतनाग में 98 सेमी बढ़ी गंगा, बक्सी बांध पर भी दबाव
गंगा नदी के जलस्तर में भी अलग-अलग स्थानों पर तेजी से बढ़ोतरी हो रही है:
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छतनाग क्षेत्र: गंगा का जलस्तर 80.16 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 24 घंटे के भीतर 98 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। यहां 20.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
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बक्सी बांध (STP): एसटीपी बक्सी बांध क्षेत्र में जलस्तर बढ़कर 80.86 मीटर हो गया है, जहां 96 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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फाफामऊ: फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.69 मीटर रहा, जहां 20 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ और 16.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
जिला प्रशासन अलर्ट, तटबंधों पर पैनी नजर
नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रयागराज जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्रति घंटे जलस्तर की मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित विभागों, राजस्व टीमों और राहत कार्य से जुड़ी एजेंसियों को सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सभी सुरक्षा तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन पानी का दबाव बढ़ता देख तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।











