नई दिल्ली। हर महीने की पहली तारीख से कई ऐसे नियम और कीमतों में बदलाव होते हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर पड़ता है। 1 सितंबर 2026 से भी एलपीजी सिलेंडर, एटीएफ, सीएनजी-पीएनजी की कीमतों से लेकर कारों की कीमत और एयरपोर्ट इमिग्रेशन प्रक्रिया में बदलाव होने जा रहे हैं। ऐसे में नए महीने की शुरुआत से पहले इन बदलावों के बारे में जानना जरूरी है।
LPG सिलेंडर की कीमतों में हो सकता है बदलाव
देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की 1 तारीख को घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार नई कीमतें जारी की जाती हैं।
पिछली बार 1 अगस्त को 19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में
202 रुपये की कटौती की गई थी। हालांकि, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया था। अब 1 सितंबर को कंपनियां एक बार फिर एलपीजी की नई कीमतें जारी करेंगी।
ATF, CNG और PNG के दाम भी होंगे अपडेट
एलपीजी के अलावा तेल कंपनियां विमान ईंधन यानी
ATF, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में भी समय-समय पर बदलाव करती हैं। ऐसे में 1 सितंबर को इन ईंधनों की नई कीमतें भी जारी की जा सकती हैं। कीमतों में बदलाव होने पर इसका असर हवाई यात्रा और वाहन चलाने की लागत के साथ घरेलू गैस बिल पर भी पड़ सकता है।
LPG e-KYC नहीं कराया तो बढ़ सकती है परेशानी
घरेलू एलपीजी कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तारीख
31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। अगर उपभोक्ता निर्धारित समय तक ई-केवाईसी नहीं कराते हैं तो 1 सितंबर से गैस सिलेंडर की डिलीवरी और सब्सिडी से जुड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं।
इसलिए जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने एलपीजी कनेक्शन की ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
1 सितंबर से महंगी होंगी कई कारें
1 सितंबर से नई कार खरीदने वालों की जेब पर भी असर पड़ सकता है।
टाटा मोटर्स अपनी गाड़ियों की कीमतों में मॉडल और वैरिएंट के अनुसार अधिकतम
25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी करने जा रही है।
वहीं
हुंडई मोटर इंडिया अपनी गाड़ियों की कीमतों में करीब
1 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू करने जा रही है। कंपनी इस साल पहले ही दो बार कीमतें बढ़ा चुकी है। सितंबर में होने वाली बढ़ोतरी इस साल की तीसरी कीमत वृद्धि होगी।
विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन में राहत
1 सितंबर से विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एयरपोर्ट इमिग्रेशन प्रक्रिया में भी बदलाव होगा। यात्रियों को इमिग्रेशन के लिए बोर्डिंग पास पर अलग से स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी।
यात्री अपने
डिजिटल बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचने और प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर 1 सितंबर से होने वाले ये बदलाव
रसोई गैस, ईंधन, वाहन खरीद और विदेश यात्रा से जुड़े हैं। इनमें से कुछ बदलाव सीधे आम लोगों के मासिक बजट को प्रभावित कर सकते हैं, जबकि एयरपोर्ट इमिग्रेशन में बदलाव यात्रियों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने वाला है।