
फुटबॉल जगत के सबसे महान खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को हमेशा-हमेसा के लिए अलविदा कह दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना को स्पेन के हाथों 0-1 से करीबी हार का सामना करना पड़ा, जो मेसी के शानदार करियर का आखिरी मैच साबित हुआ। यह खिताबी मुकाबला 20 जुलाई 2026 को अमेरिका के न्यू जर्सी स्थित मेटलाइफ स्टेडियम में खेला गया था। किस्मत का ऐसा अजीब इत्तेफाक रहा कि यही वही मैदान है, जिसने ठीक एक दशक के अंतराल में दो बार मेसी का दिल टूटते देखा और दोनों ही बार उन्होंने इसी मैदान से संन्यास का ऐतिहासिक फैसला लिया।
साल 2016: जब आंसुओं के साथ लिया था पहला संन्यास
ठीक दस साल पहले, साल 2016 में इसी मेटलाइफ स्टेडियम में कोपा अमेरिका सेंटेनारियो का फाइनल मुकाबला खेला गया था। उस खिताबी मैच में हार मिलने के बाद 29 वर्षीय मेसी बेहद टूट गए थे और उन्होंने नम आंखों से इंटरनेशनल फुटबॉल छोड़ने का चौंकाने वाला ऐलान कर दिया था। उस वक्त तक क्लब फुटबॉल में तमाम उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद, 2014 के वर्ल्ड कप फाइनल और लगातार कोपा अमेरिका के खिताबी मुकाबलों में हार की वजह से उन पर भारी दबाव था। तब मेसी ने भारी मन से कहा था कि उन्होंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। हालांकि, दुनिया भर के करोड़ों फैंस के विशेष अनुरोध और प्यार के चलते उन्होंने वापसी की और देश के लिए 2021 कोपा अमेरिका और ऐतिहासिक 2022 फीफा वर्ल्ड कप जीतकर अपने सारे अधूरे सपने पूरे किए।
साल 2026: एक लीजेंड और चैंपियन के रूप में विदाई
ठीक एक दशक बाद, साल 2026 में इतिहास ने खुद को उसी मेटलाइफ स्टेडियम में फिर दोहराया। स्पेन के खिलाफ विश्व कप के खिताबी मुकाबले में 0-1 की हार के साथ उनके स्वर्णिम करियर का अंत तो हुआ, लेकिन इस बार परिस्थितियों और कद में जमीन-आसमान का फर्क था। साल 2016 में जहां वे एक अधूरेपन और निराशा के साथ मैदान से हटे थे, वहीं 2026 में वह दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल लीजेंड और देश को वर्ल्ड कप जिताने वाले चैंपियन के रूप में इस मैदान से विदा हुए हैं। मेसी का यह संन्यास फुटबॉल के एक स्वर्णिम युग के अंत का प्रतीक है, जिसे खेल प्रेमी कभी नहीं भूल पाएंगे।














