नोएडा में नाबालिग से दरिंदगी के बाद सख्त हुई सरकार: दिल्ली आने वाली अंतरराज्यीय बसों में अनिवार्य होगा GPS, रियल-टाइम लोकेशन पर रहेगी नजर

उत्तर प्रदेश के नोएडा में चलती बस के भीतर एक नाबालिग लड़की के साथ हुई खौफनाक गैंगरेप की वारदात के बाद दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लेने की तैयारी की है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि पड़ोसी राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करने वाली सभी अंतरराज्यीय (Interstate) बसों को जीपीएस (GPS) सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बसों की लोकेशन पर पल-पल नजर रखना और किसी भी अनहोनी या आपात स्थिति में पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

बाहरी राज्यों की बसों पर भी जीपीएस से रहेगी कड़ी निगरानी

सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दिल्ली की सीमाओं (Borders) में दाखिल होने वाली हर बाहरी बस को जीपीएस आधारित केंद्रीय निगरानी प्रणाली (GPS Monitoring System) से टैग किया जाएगा। इससे कंट्रोल रूम के जरिए बस की मौजूदा स्थिति और उसके निर्धारित रूट की जानकारी रियल-टाइम (Real-time tracking) में मिलती रहेगी। यदि कोई बस अपने तय रास्ते से भटकती है या संदिग्ध परिस्थिति में रुकती है, तो एजेंसियां तुरंत हरकत में आ जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुरक्षा ढांचे को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जल्द ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों के साथ उच्चस्तरीय समन्वय किया जाएगा।

जानिए क्या थी नोएडा गैंगरेप की पूरी घटना?

यह दिल दहला देने वाली वारदात 4 अगस्त की रात की है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा अपनी मां से अनबन के बाद घर से निकल गई थी। वह नोएडा सेक्टर-63 में अपने रिश्तेदार के घर जाना चाहती थी। मूसलाधार बारिश के चलते लड़की ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। वहां एक बस के चालक और परिचालक (ड्राइवर-कंडक्टर) ने उसे सेक्टर-63 छोड़ने का झांसा देकर अपनी बस में बैठा लिया। आरोप है कि बस में तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर वे उसे सूरजपुर की एक सुनसान वर्कशॉप (गैरेज) में ले गए, जहां दोनों ने नाबालिग के साथ दरिंदगी की। इसके बाद आरोपी पीड़िता को दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

इस भयावह घटना ने सार्वजनिक वाहनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मामले पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि सार्वजनिक वाहनों के चालकों और परिचालकों का चरित्र सत्यापन (Character Verification) और उन पर निगरानी बेहद जरूरी है। जीपीएस ट्रैकिंग लागू होने के बाद अंतरराज्यीय बसों की गतिविधियों पर पूरी तरह से शिकंजा कसा जा सकेगा, जिससे भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

 

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