बोलीविया के सैन्य परिसर में भीषण विस्फोट, 10 की मौत और 60 से ज्यादा घायल; 150 मीटर दूर रहने की चेतावनी

ला पाज: दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया से एक बड़े और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। राजधानी ला पाज से करीब 30 किलोमीटर दूर वियाचा शहर स्थित एक सैन्य परिसर में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 60 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़कर 15 तक पहुंच सकती है।

हादसा स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब ढाई बजे हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि सैन्य परिसर के आसपास मौजूद कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए और कुछ इमारतों की दीवारों में दरारें आने की भी सूचना है। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में पुलिस, दमकलकर्मी तथा राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए।

आतिशबाजी और पायरोटेक्निक सामग्री के भंडार में हुआ धमाका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विस्फोट सैन्य परिसर के उस हिस्से में हुआ जहां रक्षा मंत्रालय के लिए आतिशबाजी और पायरोटेक्निक सामग्री का भंडारण किया गया था। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में संवेदनशील सामग्री मौजूद होने के बावजूद अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि विस्फोट की शुरुआत किस वजह से हुई।

सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल को अपने नियंत्रण में लेकर जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या किसी तकनीकी खराबी, आग या अन्य कारण से भंडारण क्षेत्र में रखी सामग्री में विस्फोट हुआ।

अस्पतालों में बढ़ा दबाव, बच्ची समेत कई गंभीर

विस्फोट के बाद घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में पहुंचाया गया। घायलों की संख्या अधिक होने के कारण ला पाज के प्रमुख अस्पतालों में आपात स्थिति जैसे हालात बन गए। गंभीर रूप से घायल 14 लोगों को बेहतर इलाज के लिए राजधानी के बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया गया है।

इन मरीजों में एक छोटी बच्ची भी शामिल है, जो आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गई है। बताया गया है कि बच्ची को थर्ड-डिग्री बर्न हुआ है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

स्वास्थ्य अधिकारियों और राहतकर्मियों के मुताबिक, घायलों में कुछ लोगों की हालत बेहद नाजुक है। ऐसे में आने वाले समय में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

मलबे में तलाश और राहत अभियान जारी

विस्फोट के तुरंत बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। मलबे और आसपास के हिस्सों में तलाशी अभियान चलाकर घायलों को बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पतालों तक पहुंचाया गया।

दमकल और बचाव दलों के लिए घटनास्थल पर काम करना अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अधिकारियों को सैन्य परिसर के अंदर गर्मी और सुलगते अवशेषों का एक स्रोत मिला है। इसके चलते दोबारा विस्फोट होने की आशंका बनी हुई है।

लोगों को 150 मीटर दूर रहने की चेतावनी

संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने सैन्य परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों को घटनास्थल से कम से कम 150 मीटर की दूरी बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे उत्सुकता में घटनास्थल के करीब न जाएं और राहत एवं बचाव अभियान में लगी टीमों को काम करने दें। जब तक सैन्य परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

विस्फोट की वजह का पता लगाने में जुटी जांच टीम

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को उपचार उपलब्ध कराना और सैन्य परिसर के आसपास के इलाके को सुरक्षित करना है। साथ ही विशेषज्ञों की टीम विस्फोट के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी है।

यह हादसा सैन्य परिसरों में पायरोटेक्निक और अन्य संवेदनशील सामग्री के भंडारण से जुड़े सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े करता है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विस्फोट किस परिस्थिति में हुआ और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक हुई थी।

फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है तथा प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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