
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दलित छात्रा निशु आजाद के पिता संजय के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के पदाधिकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि घटना के बावजूद पुलिस की ओर से अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।
CJP के प्रदर्शन के समर्थन में सांसद पप्पू यादव, नगीना सांसद चंद्रशेखर और कांग्रेस के कुछ नेता भी संसद मार्ग थाने पहुंचे। नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया वीडियो से बढ़ा विवाद
मामले के बीच सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज नाम के एक युवक का कथित वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह खुद को हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर बताता नजर आता है। वायरल बताए जा रहे वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट किए जाने की बात करता सुनाई देता है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए वीडियो में कही गई बातों को फिलहाल आरोप या कथित दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है।
वीडियो में चोट और कानूनी कार्रवाई को लेकर दावे
कथित वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज संजय के सिर में चोट लगने की बात करता सुनाई देता है। वह यह दावा भी करता है कि चोट के बाद संजय को कई टांके लगे थे। वीडियो में कथित घटना से जुड़ी कानूनी धाराओं का भी जिक्र किया गया है।
इसके अलावा वीडियो में भारद्वाज कुछ राजनीतिक नेताओं के साथ अपने संबंध होने का दावा करता है। वह दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा को अपना बड़ा भाई जैसा बताते हुए कथित तौर पर दावा करता है कि उनके फोन के बाद उसे छोड़ दिया गया। वीडियो में चिराग पासवान का नाम लेते हुए भी उन्हें अपना बड़ा भाई बताया गया है।
इन राजनीतिक नेताओं के साथ कथित संबंधों और फोन के जरिए मदद मिलने संबंधी दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जुलाई के प्रदर्शन के बाद सामने आया था मामला
निशु आजाद ने जुलाई में जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। प्रदर्शन के बाद उनके पिता संजय के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। निशु ने घटना को लेकर न्याय और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
परिवार का आरोप है कि संजय के सिर में चोट लगी थी और घटना के बाद प्राथमिकी भी दर्ज की गई। निशु का कहना है कि घटना को डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन आरोपी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से परिवार परेशान है।
CJP ने पुलिस से मांगी कार्रवाई
शुक्रवार को CJP के पदाधिकारियों के थाने पहुंचने के बाद मामला फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा में आ गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने और आरोपों की जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की।
फिलहाल पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई और सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में किए गए दावों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। ऐसे में स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े आरोपों और वीडियो में किए गए दावों को फिलहाल कथित दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।











