
लखनऊ। लखनऊ पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेस में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिक्षकों को समाज और आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाने के साथ-साथ समाज को दिशा देने का काम करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 26 हजार प्राइमरी स्कूल बंद हो गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता में आने पर इन स्कूलों को फिर से खोलने का वादा किया।
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण पर भाजपा पर निशाना
सहारनपुर में अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे सच्चे सनातनी नहीं हो सकते।
अखिलेश यादव ने कहा, “सच्चा हिंदू कभी दूसरों का अपमान नहीं करता।” उन्होंने कहा कि दूसरों की आस्था से खिलवाड़ करना सनातन धर्म की भावना के विपरीत है। अखिलेश ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन धर्म हमें पूरी धरती और समाज को एक परिवार मानने की सीख देता है।
राम मंदिर चंदे को लेकर भाजपा पर हमला
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर चंदे को लेकर भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘राम धन’ का गबन करने वाले अब घबराए हुए हैं और इसे सांप्रदायिक मुद्दा बनाने का रास्ता तलाश रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पहले अपने धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को दिखाने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी साथ लेकर चलती थी। उन्होंने भाजपा के पुराने राजनीतिक दौर का जिक्र करते हुए कहा कि जब पार्टी के पहले अध्यक्ष की नियुक्ति हुई थी, तब उसके चंदे में मुस्लिम समाज की भी बड़ी हिस्सेदारी थी।
उन्होंने दावा किया कि उस समय पार्टी ने अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि स्थापित करने के लिए एक मुस्लिम व्यक्ति को अध्यक्ष का प्रस्तावक भी बनाया था।
लखनऊ की ‘लाल बिल्डिंग’ का भी जिक्र
अखिलेश यादव ने लखनऊ की ‘लाल बिल्डिंग’ का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसे लेकर पहले से भ्रष्टाचार की चर्चाएं होती रही हैं। उन्होंने कहा कि लोग दावा करते थे कि पार्किंग से मिलने वाली रकम ही इमारत की लागत से अधिक हो जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर भी निशाना साधा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि इन अधिकारियों की पहले गोरखपुर में तैनाती रही है और वे वहीं की कथित अनियमित कार्यशैली को लखनऊ लेकर आए हैं। उन्होंने इसे तंज कसते हुए ‘गोरखधंधा’ करार दिया।
शिक्षक ही समाज और बच्चों का भविष्य बनाते हैं
अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने और आने वाली पीढ़ी को संभालने का काम करते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे शिक्षक ही हमारे रक्षक हैं। शिक्षक ही बच्चों का भविष्य बनाते हैं।”
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं दिया जाएगा, ताकि वे पूरी तरह शिक्षा के काम पर ध्यान दे सकें।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जर्जर स्कूल की फोटो या वीडियो बनाने पर मुकदमा दर्ज हो जाता है। उन्होंने कहा, “अंग्रेजों ने भी कभी शिक्षा पर मुकदमा दर्ज नहीं किया था, लेकिन आज ऐसा किया जा रहा है।” उन्होंने शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा दूसरे कामों में लगाए जाने पर भी सवाल उठाया।
लैपटॉप से बच्चों को मिला आगे बढ़ने का अवसर
अखिलेश यादव ने सपा सरकार के दौरान विद्यार्थियों को बांटे गए लैपटॉप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज भी बच्चे बताते हैं कि लैपटॉप ने उनकी पढ़ाई में मदद की।
उनके मुताबिक लैपटॉप मिलने से बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संघ से जुड़े लोग सभी को एक रंग में रंगना चाहते हैं। अखिलेश यादव ने शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में पिछली सपा सरकार के फैसलों को भी गिनाया।
शिक्षक सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की भूमिका और तकनीक के इस्तेमाल को लेकर अपनी बात रखी। साथ ही सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण और राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।













