
नई दिल्ली। दिल्ली के कालकाजी स्थित 142 एकड़ में फैले आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। इन खुलासों ने राजधानी के पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले तीनों आरोपी करीब 45 मिनट तक पार्क में घूमकर आसान शिकार तलाश रहे थे। घटना वाले दिन वे अपने साथ बंदूक, चाकू और निरोध (कंडोम) लेकर आए थे, जिससे यह अंदेशा मजबूत हो रहा है कि पूरी वारदात पूर्व नियोजित (प्री-प्लान्ड) थी।
पहले भी चाकू लेकर घूमता था आरोपी आसिफ, स्टाफ से हुई थी शिकायत
स्थानीय लोगों और पार्क के नियमित आगंतुकों से पूछताछ में पता चला है कि मुख्य आरोपी आसिफ आस्था कुंज पार्क इलाके में एक मनचले की तरह घूमता था। लोगों के मुताबिक, आसिफ इससे पहले भी पार्क में बैठे एक जोड़े को चाकू दिखाकर डरा-धमका चुका था। हालांकि, उस वक्त वह अकेला था और किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पाया था।
इलाके के लोगों ने पूर्व में पार्क के स्टाफ और गार्ड्स से मौखिक शिकायतें की थीं, लेकिन डर के कारण किसी ने कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि क्या तीनों आरोपियों ने अतीत में भी पार्क आने वाली अन्य महिलाओं या जोड़ों को इसी तरह शिकार बनाया था।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी, साक्ष्य मिटाने को रेस्तरां में खाया खाना और धोए कपड़े
सोमवार शाम करीब 7:15 बजे अपने जन्मदिन पर कालकाजी मंदिर में दर्शन के बाद दोस्त के साथ पार्क में बैठी नाबालिग को आरोपियों ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर डराया और जर्जर इमारत में ले जाकर दरिंदगी की। वारदात के बाद मंगलवार सुबह करीब 6 बजे दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी आसिफ को अमर कॉलोनी इलाके से गिरफ्तार कर लिया, जिसके पास से अवैध पिस्टल और चाकू बरामद हुआ।
इसके बाद दो अन्य आरोपी भाइयों—मुकेश और हेमंत को श्रीनिवासपुरी स्थित उनके घर से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों भाई पहले एक रेस्तरां में खाना खाने गए और फिर घर पहुंचकर साक्ष्य मिटाने की नीयत से घटना के वक्त पहने गए कपड़े धो डाले। पुलिस ने उनके पास से धुले हुए कपड़े और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। फोन से डेटा डिलीट कर दिया गया है, जिसे रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की मदद ली जा रही है।
एक लॉ ग्रेजुएट तो दूसरा बी.एससी. का छात्र
आरोपियों का बैकग्राउंड खंगालने पर पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी आसिफ के पास सालों से बिना लाइसेंस का तमंचा था। आरोपी हेमंत ने दावा किया है कि उसने रोहतक की एक यूनिवर्सिटी से 2014-15 में कानून (LL.B) की पढ़ाई की है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, जबकि उसका भाई मुकेश पलवल के एक कॉलेज से बी.एससी (मैथ्स) अंतिम वर्ष का छात्र है। कानून की जानकारी होने के कारण ही हेमंत ने साक्ष्य नष्ट करने के लिए कपड़े धोए थे।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है और उनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है।














