
करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से ठीक पहले सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के दामों में लगातार चार दिनों (सोमवार से गुरुवार) से बड़ी गिरावट देखी जा रही है। 4 दिनों के भीतर चांदी करीब ₹7,000 प्रति किग्रा और सोना ₹2,500 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। ऐसे में त्योहारी खरीदारी करने वाले ग्राहकों और निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या त्योहारों की मांग के कारण भाव फिर से उछलेंगे।
सर्राफा बाजार की मौजूदा स्थिति (IBJA के ताजा आंकड़े)
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के गुरुवार के आंकड़ों के अनुसार:
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24 कैरेट सोना: ₹1,231 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया।
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चांदी: ₹4,518 प्रति किग्रा गिरकर ₹2.28 लाख प्रति किग्रा पर पहुंच गई।
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
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अमेरिका-ईरान तनाव और ग्लोबल सेंटिमेंट: फरवरी के उत्तरार्ध में शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद से वैश्विक बाजार में ऊर्जा (क्रूड ऑयल) की कीमतें चढ़ी हैं, जिससे महंगाई की चिंता बढ़ी है।
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फेडरल रिजर्व और ब्याज दरें: अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने की आशंकाओं से सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों (Non-yielding assets) पर दबाव बना है। युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 16% तक फिसल चुका है।
क्या आगे बढ़ेंगे भाव? जानिए ग्लोबल एक्सपर्ट्स की राय
ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने हेज फंड मैनेजर राफेल लैम (जो 1.1 अरब डॉलर के एल1 गोल्ड फंड को को-मैनेज करते हैं) का मानना है कि सोने में यह हालिया गिरावट अस्थायी (Temporary) है।
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मजबूत फंडामेंटल्स बरकरार: लैम के अनुसार, अमेरिकी सरकार का $40 ट्रिलियन से अधिक का बढ़ता कर्ज, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (Central Banks) द्वारा सोने की आक्रामक खरीदारी और अनिश्चित राजकोषीय स्थिति सोने को मीडियम से लॉन्ग टर्म में बड़ा सपोर्ट देगी।
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गिरावट में खरीदारी का मौका: सिडनी में सोना $4,286.01 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब भी कीमतें निचले स्तरों ($4,000 के आसपास) पर जाती हैं, तो बड़े फंड्स और निवेशक अपनी ‘लॉन्ग पोजीशन’ (खरीदारी) तेजी से बढ़ाते हैं।
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त्योहारी मांग का असर: भारत में आगामी करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली पर सोने-चांदी की भौतिक मांग (Physical Demand) में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है, जिससे घरेलू बाजार में कीमतों को निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट मिल सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, त्योहारी सीजन और दीर्घकालिक फंडामेंटल्स को देखते हुए सोने-चांदी में यह गिरावट खरीदारी और व्यवस्थित निवेश (SIP या आंशिक खरीदारी) का अच्छा अवसर साबित हो सकती है। हालांकि, बाजार में किसी भी बड़े निवेश से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Certified Financial Advisor) की सलाह जरूर लें।












