
उत्तर प्रदेश में तबाही के बाद मिली राहत, 1000 से ज्यादा मकान ढहे
देशभर से मॉनसून की विदाई का समय करीब है, लेकिन जाते-जाते यह कई राज्यों में भारी तबाही मचा रहा है। उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश, मकान और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं के चलते 56 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। राज्य भर में 1000 से अधिक मकान पूरी तरह ढह गए हैं। हालांकि, रविवार से बारिश का दौर थमने से लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यूपी में फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है, क्योंकि छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन की आशंका, अलर्ट जारी पहाड़ी राज्यों में स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों की मूसलाधार बारिश के चलते कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने 28 सितंबर को राज्य में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है। टिहरी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और देहरादून जैसे संवेदनशील जिलों में बिजली गिरने और भूस्खलन (Landslide) की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश में भी मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम, बारामूला और उधमपुर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, 30 सितंबर से फिर बदल सकता है मिजाज राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में 28 सितंबर को बादल छाए रहने और शाम तक हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 29 सितंबर को दिल्ली में मौसम साफ रहेगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से 30 सितंबर से एक बार फिर बारिश की गतिविधियां जोर पकड़ सकती हैं।
बिहार, एमपी और अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम? बिहार में भारी बारिश से किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार में 1 अक्तूबर तक तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश हो सकती है, हालांकि फिलहाल कोई रेड अलर्ट नहीं है। इसके अलावा, म्यांमार तट के पास बंगाल की खाड़ी और मध्य प्रदेश के ऊपर विकसित हो रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है।















