फगवाड़ा (पंजाब)। पंजाब के जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर स्थित प्रतिष्ठित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित बलात्कार की खबर फैलने के बाद रविवार देर रात भीषण बवाल और हिंसा देखने को मिली। अफवाह के चलते उग्र हुए छात्रों और उपद्रवियों ने परिसर में जमकर तोड़फोड़ की, पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी। सोमवार को हिंसक झड़पों के बाद स्थिति नियंत्रण में तो आई, लेकिन तनाव बरकरार है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एहतियातन अगले 10 दिनों के लिए सभी शैक्षणिक कक्षाएं निलंबित कर दी हैं और परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।

कथित रेप के दावे से भड़की हिंसा, 15 घंटे तक ठप रहा नेशनल हाईवे-44
विवाद की शुरुआत एक छात्रा के साथ बाहरी व्यक्ति द्वारा कथित बलात्कार की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हुई। गुस्साए छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जालंधर और फगवाड़ा को जोड़ने वाले NH-44 को करीब 15 घंटे तक पूरी तरह से जाम रखा।
रविवार शाम को यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हो उठा:
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आगजनी और पथराव: भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया और पुलिस के कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
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बाहरी तत्वों की भूमिका: प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि तोड़फोड़ और आगजनी छात्रों ने नहीं, बल्कि भीड़ का फायदा उठाकर घुसे बाहरी उपद्रवियों ने की है।
10 दिनों के लिए क्लासेज सस्पेंड, घबराए छात्र लौट रहे घर
यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने सुरक्षा व्यवस्था और कैंपस के बिगड़े माहौल को देखते हुए सोमवार से अगले 10 दिनों के लिए सभी क्लासेज सस्पेंड कर दी हैं। इसके साथ ही मिड-टर्म (Mid-Term) परीक्षाओं को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है। घटना के बाद घबराए अभिभावक अपने बच्चों को हॉस्टल से सुरक्षित घर ले जाने के लिए यूनिवर्सिटी पहुंच रहे हैं। जो छात्र हॉस्टल में रुके हैं, उन्हें बेवजह बाहर न निकलने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
प्रो-चांसलर का बयान: ‘अफवाहों पर भरोसा किया, सीधे हमसे बात क्यों नहीं की?’
LPU की प्रो-चांसलर रश्मि मित्तल ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि कैंपस में रेप की कोई घटना नहीं हुई है और यह पूरी तरह से एक झूठी अफवाह है।
“यूनिवर्सिटी में छात्रों की समस्याओं को सुनने के लिए करीब 400 छात्र संगठन (Student Associations) मौजूद हैं। इसके बावजूद बच्चों ने अफवाहों पर यकीन किया और प्रशासन से सीधे संपर्क नहीं किया। दुकानों में लूटपाट हुई और हिंसा हुई, जो बेहद दुखद है। हमारे अपने छात्र ऐसा नहीं कर सकते, इसमें बाहरी लोग शामिल थे।”
— रश्मि मित्तल, प्रो-चांसलर, LPU
सीएम भगवंत मान के निर्देश पर पहुंचे DGP, SIT गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने खुद LPU कैंपस का दौरा किया। DGP ने स्पष्ट किया कि कथित रेप के आरोपों के आधार पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और मामले की पारदर्शी जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुलिस वाहनों को फूंकने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चिन्हित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक बयानबाजी और महिला आयोग का एक्शन
LPU में हुई इस हिंसा के बाद पंजाब का सियासी पारा भी चढ़ गया है:
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विपक्ष का हमला: बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू और शिरोमणि अकाली दल (SAD) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आप (AAP) सरकार पर ढिलाई और साजिश के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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सरकार का पक्ष: आप (AAP) के मीडिया प्रभारी बलतेज सिंह पन्नू ने कहा कि पुलिस ने पूरी स्थिति में संयम बरतते हुए हालात को संभाला है।
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महिला आयोग की दखल: पंजाब राज्य महिला आयोग ने LPU मामले और पटियाला की चितकारा यूनिवर्सिटी (Chitkara University) में हुए विरोध प्रदर्शनों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट और सुरक्षा उपायों की जानकारी तलब की है।
















