मेरठ। समाज को झकझोर देने वाले और पति-पत्नी के रिश्ते को तार-तार करने वाले उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में आखिरकार इंसाफ की घड़ी आ गई है। मेरठ जिला न्यायालय में बुधवार को इस खौफनाक और संगीन मामले में अंतिम फैसला सुनाया जा सकता है। अदालत में अभियोजन (सरकारी) और बचाव पक्ष दोनों की ओर से अंतिम बहस पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब पूरे देश की नजरें अदालत के आने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं।
22 गवाहों की गवाही और साइंटिफिक सबूत, सरकारी वकील बोले— मिलेगी सख्त से सख्त सजा
जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) कृष्ण कुमार चौबे ने मीडिया को बताया कि अभियोजन पक्ष ने केस को बेहद मजबूती से अदालत के सामने रखा है। पुलिस और अभियोजन ने घटना से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों (Scientific Evidence), फॉरेंसिक रिपोर्ट और कुल 22 गवाहों के बयानों की एक अटूट और सिलसिलेवार कड़ी कोर्ट में पेश की है।
सरकारी अधिवक्ता ने उम्मीद जताई है कि सौरभ की बर्बरता से हत्या करने की मुख्य आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को उनके इस जघन्य अपराध के लिए कानून के तहत कड़ी से कड़ी (फांसी या आजीवन कारावास) सजा सुनाई जाएगी।
नीले ड्रम में सीमेंट से जमाकर रखे गए थे शव के 3 टुकड़े
यह खौफनाक वारदात मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित एक मकान में अंजाम दी गई थी, जिसकी हकीकत सामने आने पर पूरा देश सन्न रह गया था:
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सीमेंट में जमाया शव: हत्यारों ने सौरभ की हत्या करने के बाद उसके शव को छिपाने के लिए एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम का इस्तेमाल किया था।
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शव के टुकड़े: ड्रम को जब कटवाया गया तो उसमें से सौरभ का शव तीन हिस्सों में मिला— सिर और दोनों हाथों के पंजे धड़ से अलग किए गए थे।
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सफेद पड़ा शव: शव को ड्रम के अंदर रखकर ऊपर से कंक्रीट और सीमेंट भर दिया गया था, जिससे सीमेंट में दबे रहने की वजह से शव पूरी तरह सफेद पड़ चुका था।
बचाव पक्ष का तर्क: ‘कोई चश्मदीद नहीं, संपत्ति विवाद में फंसाया गया’
दूसरी ओर, आरोपी पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि इस पूरे मामले में कोई भी प्रत्यक्षदर्शी (चश्मदीद गवाह) मौजूद नहीं है। बचाव पक्ष का दावा है कि यह पूरा केस केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) पर आधारित है और संपत्ति के लेन-देन व आपसी विवाद के चलते दोनों आरोपियों मुस्कान और साहिल को झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने अदालत से दोनों आरोपियों को बरी करने या राहत देने की मांग की है।
अदालत द्वारा बहस पूरी किए जाने के बाद अब सभी की निगाहें बुधवार को आने वाले फैसले पर टिकी हैं कि कोर्ट इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड में आरोपियों को क्या सजा सुनाती है।
















