नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार कार्ड में जन्मतिथि (Date of Birth) अपडेट कराने के नियमों को और अधिक कड़ा करने जा रहा है। अब आधार में दूसरी बार जन्मतिथि में संशोधन करना आसान नहीं होगा। UIDAI के मौजूदा नियमों के तहत जन्मतिथि को सामान्य प्रक्रिया से केवल एक बार ही बदला जा सकता है। दूसरी बार बदलाव के लिए विशेष प्रक्रिया अपनानी होती है, जिसे अब और सख्त बनाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से दूसरी बार जन्मतिथि बदलने के आवेदनों पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। नई व्यवस्था और सख्त गाइडलाइंस तैयार की जा रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि 15 अक्तूबर से नई और कड़ी प्रक्रिया के साथ यह सुविधा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
जानिए क्यों कड़े किए जा रहे हैं आधार अपडेट के नियम?
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, देश भर से हर दिन ऐसे सैकड़ों मामले सामने आते हैं जिनमें लोग एक से अधिक बार अपनी जन्मतिथि बदलवाने का प्रयास करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश और बिहार से ऐसे आवेदनों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है, जिनमें अधिकांश आवेदक युवा हैं।
जांच में सामने आया है कि कई लोग सरकारी या गैर-सरकारी नौकरियों में आयु सीमा का लाभ उठाने और अतिरिक्त मौके पाने के लिए जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा कर बदलाव करवाते हैं। इस तरह की गड़बड़ियों और धोखाधड़ी को पूरी तरह से रोकने के लिए नियमों को अभेद्य बनाया जा रहा है।
क्या है दूसरी बार DOB बदलने की विशेष प्रक्रिया?
UIDAI के नियमानुसार, यदि किसी व्यक्ति को अपरिहार्य या विशेष परिस्थितियों में दूसरी बार अपनी जन्मतिथि में सुधार कराना है, तो इसके लिए एक कठिन सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होता है:
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विशेष आवेदन: आवेदक को निकटतम आधार सेवा केंद्र पर जाकर एक विशेष अनुरोध (Exception Handling) के तहत आवेदन करना होगा।
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वैध दस्तावेज: जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर गजट नोटिफिकेशन, बर्थ सर्टिफिकेट (नगर निगम/सरकारी प्राधिकरण द्वारा जारी) जैसे उच्च-स्तरीय वैध दस्तावेज जमा करने अनिवार्य होंगे।
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कड़ा सत्यापन: क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच और भौतिक सत्यापन (Verification) के बाद ही बदलाव की अनुमति दी जाएगी।















