प्रेमानंद महाराज से मिलने निकली महिला कहां गायब हुई? 45 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग, 16 साल का किशोर भी लापता

वृंदावन का प्रसिद्ध श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम इन दिनों एक गंभीर विवाद और चर्चा के केंद्र में आ गया है। धार्मिक आयोजनों से इतर इस बार वजह दो श्रद्धालुओं के रहस्यमयी तरीके से लापता होने से जुड़ी है। नोएडा की रहने वाली 35 वर्षीय महिला और हाथरस का 16 वर्षीय किशोर पिछले कुछ समय से लापता हैं। परिजनों का आरोप है कि दोनों संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और दीक्षा के सिलसिले में वृंदावन आए थे, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आश्रम के अंदर जाकर जांच शुरू कर दी है।

15 अगस्त से लापता है नोएडा की युक्ति, तलाश में भटक रहा परिवार

नोएडा के रहने वाले उमेश सिंह की 35 वर्षीय बेटी युक्ति बीते 15 अगस्त 2026 को घर से यह कहकर निकली थी कि वह वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने जा रही है। हालांकि, इसके बाद से उसका परिवार से संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिजनों के अनुसार, युक्ति पहले भी बिना बताए घर से निकली थी लेकिन बाद में लौट आती थी। इस बार कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटी, तो चिंतित परिवार ने नोएडा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बेटी की खोज में उमेश सिंह अपने परिजनों के साथ केली कुंज आश्रम पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें युक्ति का कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाते हुए किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई है।

3 महीने से गायब है हाथरस का 16 साल का अनुज, दीक्षा लेने का दावा

दूसरा मामला हाथरस जिले के बारामई खेड़ा गांव से सामने आया है। यहां रहने वाले किसान राजवीर सिंह का 16 वर्षीय इकलौता बेटा अनुज चौधरी पिछले करीब तीन महीने से लापता है। इंटरमीडिएट का छात्र अनुज अपनी चार बहनों का अकेला भाई है। परिजनों का कहना है कि वृंदावन के पानीगांव में उसका ननिहाल है, जहां रहने के दौरान वह लगातार प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए केली कुंज आश्रम जाने लगा था। लगभग तीन महीने पहले उसने महाराज से दीक्षा ली थी और घर लौटने के बाद कंठी-माला तथा तीन धार्मिक पुस्तकें लेकर फिर से दर्शन के लिए निकला, जिसके बाद वह वापस नहीं आया।

आश्रम पर लगे गंभीर आरोप, फुटेज न दिखाने पर परिजनों ने दिया धरना

अनुज के परिजनों ने आश्रम प्रबंधन पर सहयोग न करने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्र की दादी मुन्नी देवी का कहना है कि जब वे अनुज की खोज में आश्रम पहुंचे, तो उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिजनों ने सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग देखने की मांग की, जिसे फुटेज न दिखाकर खारिज कर दिया गया। परिजनों का दावा है कि आश्रम के एक साधु ने उन्हें सिर्फ इतना कहा कि अनुज साधना में है और जल्द मिल जाएगा। इस रवैये से नाराज होकर पीड़ित परिवार ने आश्रम के बाहर धरना शुरू कर दिया।

पुलिस ने आश्रम के अंदर खंगाले रिकॉर्ड, जांच जारी

परिजनों के धरने की सूचना मिलते ही वृंदावन पुलिस हरकत में आई। सीओ संदीप सिंह और कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। इसके बाद पुलिस टीम ने केली कुंज आश्रम के भीतर जाकर अनुज से संबंधित रिकॉर्ड, रजिस्टर और अन्य जानकारियां जुटाईं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अनुज के गायब होने का मुकदमा हाथरस के सादाबाद थाने में दर्ज है, जिसके आधार पर वृंदावन पुलिस जांच में सहयोग कर रही है।

आश्रम प्रबंधन का पक्ष और वर्तमान स्थिति

विवाद बढ़ने पर पुलिस के साथ बाहर आए आश्रम के एक साधक ने बताया कि सेवादारों के व्हाट्सएप ग्रुप में अनुज की तस्वीर भेजकर जानकारी जुटाई गई थी। प्रबंधन के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के समय भी काफी भीड़ के बीच उसकी तलाश करने की कोशिश की गई थी। आश्रम ने पुलिस और परिवार को जांच में हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

फिलहाल, नोएडा की महिला के आश्रम में होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जबकि हाथरस के किशोर के मामले में पुलिस दीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड्स और आखिरी लोकेशन खंगाल रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही दोनों मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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