
उमेश पाल हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे अतीक अहमद गैंग के 5 लाख रुपये के इनामी शूटर मोहम्मद अरमान को यूपी पुलिस रविवार शाम बिहार की गया सेंट्रल जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज ले आई है। प्रयागराज पुलिस की एक विशेष टीम कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रविवार शाम करीब 5 बजे अरमान को पूरी गोपनीयता के साथ अपने साथ लेकर रवाना हो गई थी। एसएसपी सुशील कुमार ने यूपी पुलिस द्वारा अरमान को ट्रांजिट रिमांड पर ले जाए जाने की आधिकारिक पुष्टि की है।
जेल गेट पर परिजनों का हंगामा: जताया अनहोनी का डर
दूसरी ओर, अरमान को यूपी ले जाने की खबर जैसे ही उसके परिजनों को मिली, वे मिलने के लिए गया सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गए। अरमान के छोटे भाई इमरान ने बताया कि जेल प्रशासन ने शुरुआत में कोई भी स्पष्ट जानकारी देने से इंकार कर दिया। परिजन देर शाम तक गेट के बाहर इंतजार करते रहे, जिसके बाद उन्हें पता चला कि पुलिस टीम शाम 5 बजे ही उसे लेकर रवाना हो चुकी थी। अरमान के परिवार ने रास्ते में किसी अप्रिय घटना या एनकाउंटर की आशंका जताते हुए उसकी जान को खतरा बताया है।
उमेश पाल हत्याकांड में क्या थी अरमान की भूमिका?
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में बहुचर्चित अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इस पूरे घटनाक्रम की जांच के दौरान पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक सवार नजर आया था। यूपी पुलिस के मुताबिक, वारदात के समय बाइक अरमान ही चला रहा था और उसके पीछे बमबाज गुड्डू मुस्लिम बैठा हुआ था। घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
अंडा कारोबारी पर फायरिंग मामले में गया जेल में था बंद
प्रयागराज में वारदात को अंजाम देने के बाद अरमान फरार होकर अपने गृह नगर बिहार के गया चला गया था। गया जी के कठोतर तालाब मोहल्ले के रहने वाले अरमान का नाम वहां के स्थानीय ‘भोलू अंडा वाले’ पर हुई फायरिंग के मामले में सामने आया था। पुलिसिया दबाव के चलते उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद 27 फरवरी 2023 को उसे गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया था। वह पिछले करीब साढ़े तीन साल से इसी जेल में बंद था।
ऐसे चला पता और यूं हुई ट्रांजिट रिमांड की कार्रवाई
30 सितंबर को प्रयागराज के धूमनगंज थाना पुलिस को सूचना मिली कि 5 लाख का इनामी अरमान गया जेल में फर्जी नाम-पते या अन्य मामले में बंद है। पुलिस टीम ने तुरंत गया सेंट्रल जेल पहुंचकर रिकॉर्ड्स की जांच की और उसकी पहचान की पुष्टि की। इसके बाद 1 अक्टूबर को गया जी सिविल कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड के लिए अर्जी दाखिल की गई। कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही रविवार को यूपी पुलिस की टीम उसे अपनी कस्टडी में लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गई, जहां उससे पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।











