जमीन के नीचे छिपा था बारूद: गयाजी में SSB और पुलिस का बड़ा एक्शन, प्लास्टिक में लपेटकर रखे गए 9mm कार्बाइन और 92 कारतूस बरामद

बिहार-झारखंड सीमा से सटे गयाजी जिले के धनगांई थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. ऊपर से बिल्कुल सामान्य दिखने वाले घने जंगल के नीचे से एसएसबी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने प्लास्टिक में लपेटकर छिपाया गया हथियारों और कारतूसों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है. तिलेटाड़ से हिसीर जाने वाले दुर्गम रास्ते पर चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन के दौरान 9 एमएम कार्बाइन, मैगजीन, देशी राइफल, कट्टा, पिस्तौल, वॉकी-टॉकी और कुल 92 जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं.

सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ शक, खुदाई में खुला राज

बुधवार को एसएसबी की 29वीं वाहिनी और स्थानीय पुलिस की टीम सीमावर्ती जंगलों में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सघन तलाशी ले रही थी. बेहद दुर्गम और घना इलाका होने के कारण जवान एक-एक जगह की बारीकी से जांच कर रहे थे. इसी दौरान जमीन के एक हिस्से में असामान्य हलचल देख सुरक्षाबलों को गहरा संदेह हुआ. जवानों ने जब जगह की सावधानीपूर्वक खुदाई कराई, तो जमीन की गहराई से प्लास्टिक में पैक किया हुआ संदिग्ध सामान निकला, जिसे खोलने पर अत्याधुनिक हथियारों का भंडार सामने आया.

बरामदगी में 9mm कार्बाइन से लेकर वॉकी-टॉकी तक शामिल

सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए इस ऑपरेशन में बरामद हथियारों की सूची इस प्रकार है:

  • 9 एमएम कार्बाइन: 1 (साथ में 2 मैगजीन)

  • देशी राइफल व कट्टा: 1 देशी भरमार राइफल और 1 कट्टा

  • पिस्तौल: 1

  • जिंदा कारतूस: कुल 92 (9 एमएम के 79 और 7.62 एमएम के 13 कारतूस)

  • संचार उपकरण: 1 वॉकी-टॉकी

नक्सली नेटवर्क से कनेक्शन की आशंका, जांच में जुटी एजेंसियां

अत्याधुनिक हथियारों की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात की पड़ताल में जुट गई हैं कि यह जखीरा जंगल तक कब और किसके जरिए पहुंचाया गया था. शुरुआती जांच में इसके तार नक्सली गतिविधियों से जुड़े होने का अंदेशा जताया जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या किसी बड़े आपराधिक या नक्सली नेटवर्क ने भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए इन हथियारों को ‘डंप’ (सुरक्षित ठिकाने पर जमा) कर रखा था.

एसएसबी के उप कमांडेंट के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

इस महत्वपूर्ण अभियान का नेतृत्व एसएसबी के उप कमांडेंट रवि भूषण ने किया. वहीं कार्रवाई को सफल बनाने में धनगांई थानाध्यक्ष श्रवण राम और एसएसबी 29वीं वाहिनी के धनगांई कैंप के सहायक कमांडेंट सनोज कुमार की अहम भूमिका रही. सीमावर्ती जंगल से हुई इस बरामदगी को इलाके में नक्सलियों और अपराधियों के नापाक इरादों को ध्वस्त करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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