
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबर है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान 3500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। इस बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा ने राहुल गांधी पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने दिल्ली में की गई कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे ‘अघोषित इमरजेंसी’ जैसे हालात बताया।
जंतर-मंतर पर झड़प, 3500 से ज्यादा लोग हिरासत में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान 3500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं।
नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित
दिल्ली में प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रद्द की गई ट्रेनों में 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 170 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।
बताया गया कि करीब 40 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को दिल्ली में ही अपनी यात्रा समाप्त करनी थी, जबकि लगभग 35 ट्रेनें दिल्ली से रवाना होने वाली थीं। आने वाली ट्रेनों के रैक उपलब्ध नहीं होने के कारण इन सेवाओं को रद्द किया गया। इस तरह दोनों स्टेशनों पर करीब 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी सामने आई है।
‘राहुल गांधी के झूठ का पर्दाफाश हुआ’: रविशंकर प्रसाद
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “भाजपा बार-बार कहती रही है कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं करते। अब मामला इस हद तक पहुंच गया है कि उन्होंने राष्ट्रपति से मुलाकात को आधार बनाकर झूठे दावे किए हैं। इस देश में यह बेहद असामान्य बात है कि राष्ट्रपति के करीबी सूत्रों ने खुलकर कहा है कि विपक्ष के नेता द्वारा राष्ट्रपति के बारे में की गई टिप्पणियां गलत हैं। राहुल गांधी, आपके झूठ का पर्दाफाश अब राष्ट्रपति के करीबी सूत्रों ने भी कर दिया है।”
सोनम वांगचुक बोले- दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ‘अघोषित इमरजेंसी’ में
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था और एहतियातन लोगों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र ‘अघोषित इमरजेंसी’ के हालात में चल रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो बयान में वांगचुक ने दिल्ली आ रहे छात्र नेताओं, एक्टिविस्ट और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को पहले ही हिरासत में लेने तथा उन्हें रोकने पर दुख जताया। उनकी यह प्रतिक्रिया जंतर-मंतर पर CJP के बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आई।
‘भारत में अब लोकतंत्र नहीं रहा’: प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, “भारत अब लोकतंत्र नहीं रहा। यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा संचालित तानाशाही है। जो भी लोग लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए उनके साथ मिलीभगत कर रहे हैं, वे राष्ट्र के खिलाफ राजद्रोह कर रहे हैं।”
प्रियंका गांधी ने आगे आरोप लगाया कि पहले 254 सांसदों के साथ मारपीट की गई और उन्हें पूरी तरह गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया, जिससे उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ भी ऐसा ही किया गया।
उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, “फिर उन्होंने राजधानी को घेर लिया, चारों ओर से बैरिकेड लगाकर उसे सील कर दिया, ट्रेनों और मेट्रो को रोक दिया, इंटरनेट बंद कर दिया और जगह-जगह चेक पोस्ट लगा दिए। उन्होंने विरोध करने के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग कर रहे युवा पुरुषों और महिलाओं को पीटा और हिरासत में ले लिया।”
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में धांधली किए जाने और सरकार की जवाबदेही से बचने की कोशिश का संकेत है। उन्होंने सवाल किया कि यदि यह इस बात का सबूत नहीं है कि सरकार चुनावों में धांधली के आरोपों और जवाबदेही की मांग से घबराई हुई है, तो फिर क्या है?
‘देश संसद से चलेगा, सड़कों से नहीं’: भाजपा
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रदर्शन और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों पर कहा कि भारतीय लोकतंत्र ने अराजकता भड़काने के प्रयासों को विफल कर दिया है। उन्होंने कहा, “आज और पिछले तीन दिनों की घटनाओं के आधार पर दो बातें स्पष्ट हो गई हैं। एक, भारतीय लोकतंत्र ने अराजकता भड़काने के प्रयासों को विफल कर दिया है। दो, देश का शासन संसद द्वारा होगा, सड़कों द्वारा नहीं।”
उन्होंने उपचुनावों के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने असम और नंदीग्राम में जीत हासिल की, जबकि पुडुचेरी में भी पार्टी को जीत मिली। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये चुनाव ऐसे समय हुए, जब पिछले कई दिनों से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियां जारी थीं।
उन्होंने कहा, “भाजपा विशेष रूप से यह उजागर करना चाहती है कि बंगाल, असम और पुडुचेरी में यह शानदार प्रदर्शन ऐसे समय हुआ, जब दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में अराजकता का आंदोलन चल रहा था।”
भाजपा सांसद ने स्पष्ट किया कि पार्टी विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ नहीं है, लेकिन उनके मुताबिक चुनावी हार के कारण सड़कों पर प्रदर्शन को हथियार बनाया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच CJP के प्रदर्शन, पुलिस की कार्रवाई, रेल सेवाओं पर असर और राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर विवाद गहरा गया है। जहां भाजपा ने प्रदर्शन को अराजकता से जोड़ते हुए संसद की सर्वोच्चता पर जोर दिया, वहीं कांग्रेस और सोनम वांगचुक ने कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाए हैं।


















